Bareilly Principal Suside Case: चेकों को ढाल बना धमकियां देते थे सूदखोर
बरेली, अमृत विचार। सुसाइड नोट में लिखी बातों पर गौर करें तो प्रधानाध्यापक चंद्रपाल ज्यादा परेशान थे। कुछ रुपए उधार लेकर चार गुना देने के बावजूद महिला और दो अन्य सूदखोर उनको मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। बार-बार धमकियां मिलने से वह टूट चुके थे। सूदखोर चेकों को ढाल बनाकर धमकियां देते थे। …
बरेली, अमृत विचार। सुसाइड नोट में लिखी बातों पर गौर करें तो प्रधानाध्यापक चंद्रपाल ज्यादा परेशान थे। कुछ रुपए उधार लेकर चार गुना देने के बावजूद महिला और दो अन्य सूदखोर उनको मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। बार-बार धमकियां मिलने से वह टूट चुके थे। सूदखोर चेकों को ढाल बनाकर धमकियां देते थे। सुसाइड करने से पहले उन्होंने सुसाइड नोट लिखकर और वीडियो बनाकर दर्द बयां किया है।
चंद्रपाल के सुसाइड नोट में लिखा है कि आज दिनांक 28 जून 2021 को मैं इन लोगों से तंग आकर यह कदम उठा रहा हूं। जिसमें सबसे पहले गुडि़या पत्नी हरीश कुमार जिसकी दुकान हॉस्पिटल के सामने है। संतोष कुमार उर्फ पप्पू निवासी शास्त्री नगर जिसका ऑफिस ग्रेटर आकाश में है। मैंने इन लोगों से कुछ पैसे लिए थे। मैने इनके पैसों का चार गुना पैसा दे दिया है।

फिर भी इन लोगों ने मेरे साइन किए हुए चेक वापस नहीं किए है। और यह लोग हर महीने पैसे ले रहे हैं। सबसे खतरनाक कपिल हौजरी का मालिक कपिल छाबड़ा है। मैंने इनका पैसा दिया फिर भी मुझे और पत्नी को फोन करके धमकियां दे रहे हैं। तेरे चेक जमाकर हुए हैं जेल भिजवाएगें। मैं और मेरी पत्नी जब उससे मिलने गए, तब भी इसने धमकी दी कि तेरी पत्नी को उठावा लूंगा।
इसके पास भी गीता के साइन किए हुए चेक हैं। मैं अपने बच्चों से यही कहूंगा की इसको पैसे न दें। मैं इसके साथ ही प्रशासन से यही पूछूंगा की मेरे बच्चों की रक्षा करें और इन लोगों को सजा जरूर दें। शिक्षक की पत्नी गीता और एक बेटी और दो बेटों का रो-रोकर परेशान हैं।
छोटू को जरूर पढ़ाना
शिक्षक ने मरने से पहले वीडियो बनाया। जिसमें कहा, मेरी तबियत बहुत खराब है। मुझे लग रहा है हार्टअटैक पड़ने वाला है। मेरा पूरा शरीर पसीने से लथपथ है। मेरी जेब में कुछ लोगों के नाम हैं। इनको सजा जरूर दिलवाना। छोटू को उसके स्कूल में जरूर पढ़ाना।
जेब से मिला सुसाइड नोट
चंद्रपाल के बेटे सूरज ने बताया कि मरने से पहले उनके पिता ने जिन तीन लोगों के नाम लिए हैं। उन लोगों के नामों का जिक्र सुसाइड नोट में भी है। उन्हें वे बहुत अच्छे से जानते हैं। पहला उन्होंने गुड़िया का नाम लिखा है। इसकी बसंत बिहार में कॉस्मेटिक की दुकान है। गुड़िया का पति हरीश भी एक व्यापारी है। उन्होंने दूसरा नाम पप्पू उर्फ संतोष लिखा है। यह जुआरियों का सरगना बताया जाता है। लोगों को जुआ खिलवाने का काम करता है। तीसरा नाम उन्होंने कपिल हौजरी के मालिक कपिल छावड़ा का लिया। इसकी प्रेमनगर में कपड़े की दुकान है। सुसाइड नोट में चंद्रपाल ने सबसे खतरनाक कपिल को ही बताया है। वह उन्हें उसकी पत्नी को उठा ले जाने की धमकी देता था।

पूरा मोबाइल था साफ, सिर्फ गैलरी बची थी
चंद्रपाल के कपड़ों में जो मोबाइल मिला था। उसमें से सब कुछ डिलीट था। न वॉट्सऐप में कुछ, न मैसेज, न फोन नंबर सिर्फ गैलरी बची थी। क्योंकि उसमें लॉक लगा हुआ था। गैलरी खोलने पर उन्हें पिता के मरने से पहले का वीडियो मिला। जिसमें उन्होंने यह आरोप लगाए थे।
2012 से वसूल रहे थे जबरन ब्याज
भाई चंद्र प्रकाश ने बताया कि चंद्रपाल ने 2012 में कुछ कर्जा लिया था। इसके बाद से वह कर्ज लिए रकम से पांच गुना तक पैसा सूदखोरों को दे चुके थे। लेकिन इसके बाद भी उनका ब्याज खत्म नहीं हो पाया था। हर माह डरा धमकाकर आरोपी उनके भाई से पैसा वसूल कर लेते थे।
जबरन निकलवा लिए थे 12 लाख
चंद्र प्रकाश ने बताया कि उनके भाई ने परेशान होकर कुछ समय पहले अपनी जमीन बेची थी। इसकी भनक लगते ही आरोपियों ने उसे जेल भिजवाने की धमकी देते हुए उसके 12 लाख रुपये निकलवा लिए थे। इसके साथ ही वह उसके चेक भी वापस नहीं कर रहे थे।
इन चार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज
पुलिस ने चंद्र प्रकाश की शिकायत पर मीरगंज की गुड़िया पत्नी हरीश कुमार, शास्त्रीनगर निवासी संतोष और पप्पू समेत कपिल छाबड़ा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
