चित्रकूट के चिंतन शिविर में मोहन भागवत बोले-प्रवासी मजदूरों की पीड़ा का संघ को है अहसास

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

चित्रकूट। यूपी के चित्रकूट में शुक्रवार से शुरू हुए चार दिवसीय राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की बैठक में कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों को हुई तकलीफों की टीस छाई रही। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने बौद्धिक में कहा कि कोरोना से जिन्होंने अपनों को खो दिया उनके साथ स्वयंसेवकों को खड़ा रहना होगा। दीनदयाल …

चित्रकूट। यूपी के चित्रकूट में शुक्रवार से शुरू हुए चार दिवसीय राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की बैठक में कोरोना काल में प्रवासी मजदूरों को हुई तकलीफों की टीस छाई रही। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने अपने बौद्धिक में कहा कि कोरोना से जिन्होंने अपनों को खो दिया उनके साथ स्वयंसेवकों को खड़ा रहना होगा।

दीनदयाल शोघ संस्थान  के आरोग्यधाम सेमिनार हाल में शुरू हुई इस बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी मौजूद रहे। संघ प्रमुख मोहन भागवत के बौद्धिक के दौरान प्रवासी मजदूरों की पीड़ा झलकी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान रोजी-रोटी का साधन और आशियाना छोड़कर इन लोगों को कष्ट सहते हुए अपने गांव व कस्बों की तरफ पैदल ही जाना पड़ा। महामारी की जटिलता को समझते हुए बिना शोरगुल किए वे शांति से चले गए।

मोहन भागवत ने कहा कि इनके कल्याण के उपाय किए गए पर अब भी उनके रोजगार की चिंता करने की आवश्कता है। उनके बच्चों की शिक्षा का प्रबंध करना जरूरी है। संघ प्रमुख ने कहा कि कोरोना से जिन्होंने अपनों को खो दिया, उनको सांत्वना देने के साथ मुश्किल वक्त में स्वयंसेवकों को उनके साथ खड़ा भी रहना होगा।

बैठक में सर संघचालक व सरकार्यवाह के साथ सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, डॉ. मनमोहन वैद्य, मुकंद, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर के अलावा सातों विभागों के प्रमुख व सह प्रमुख के अलावा अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सभी सदस्य शामिल हुए।

संबंधित समाचार