कानपुर: भाजपा नेता का विवादित बयान, कहा- झंडे में लगे डंडे के बल पर मिला बहुमत

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कानपुर। कानपुर देहात में भाजपा के एक नेता और कॉलेज के प्रिंसिपल ने विवादित बयान दिया है। यहां प्रभारी मंत्री महेश चंद्र गुप्ता की मौजूदगी में पूर्व ब्लॉक प्रमुख विवेक द्विवेदी ने कहा, पंचायत चुनाव में हमने पार्टी के झंडे के में साथ उसमें लगने वाले डंडे के दम पर बहुमत पाया है। इसी तरह …

कानपुर। कानपुर देहात में भाजपा के एक नेता और कॉलेज के प्रिंसिपल ने विवादित बयान दिया है। यहां प्रभारी मंत्री महेश चंद्र गुप्ता की मौजूदगी में पूर्व ब्लॉक प्रमुख विवेक द्विवेदी ने कहा, पंचायत चुनाव में हमने पार्टी के झंडे के में साथ उसमें लगने वाले डंडे के दम पर बहुमत पाया है। इसी तरह डंडे का इस्तेमाल आगे भी होता रहेगा। उन्होंने कहा पूर्व की सरकारों ने जो किया था, उनको उसी भाषा में जवाब देने का काम भाजपा कार्यकर्ता कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव में इसी तरह जवाब दिया जाएगा।

भड़काऊ बयान देने वाले विवेक द्विवेदी बीएनडी कॉलेज के प्रिंसिपल हैं, पूर्व में स्नातक एमएलसी का निर्दलीय चुनाव भी लड़कर तीसरे स्थान पर रहे थे। वे अपने स्टूडेंट्स को यही सीख देगें, विपक्ष ने ऐसे सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। पंचायत चुनाव में कानपुर देहात में भाजपा ने 10 में से 9 सीटों पर परचम लहराया है। विवेक द्विवेदी सपा से ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। दरअसल, बुधवार को भाजपा के नव निर्वाचित ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्यों को सम्मानित करने के लिए माती स्थित इको पार्क में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री महेंद्र चंद्र गुप्ता पहुंचे थे।

पेशे से शिक्षक हैं विवेक द्विवेदी डंडे के बल पंचायत चुनाव जीतने का दावा करने वाले भाजपा नेता विवेक द्विवेदी पेशे से शिक्षक हैं। वर्तमान में वे बीएनडी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य पद पर हैं। यह एक एडेडे कॉलेज है। इसलिए यहां शिक्षकों को चुनाव लड़ने की भी छूट है। विवेक द्विवेदी सपा से ब्लॉक प्रमुख रह चुके है। उस समय उनके इसी तरह के बिगड़े बोल भाजपाइयों के लिए हुआ करते थे। 15 जिलों में हुए उपद्रव, अधिकतर जगहों पर भाजपा पर अराजकता का आरोप उत्तर प्रदेश में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भाजपा ने 825 में ब्लॉक प्रमुख सीटों में से 648 से सीटें हासिल कर बड़ी जीत दर्ज की है।

इनमें से 349 प्रत्याशियों को निर्विरोध चुना गया था। इस दौरान राज्य के कई जिलों में जबरदस्त हिंसा हुई थी । इटावा में पुलिस और भाजपाइयों के बीच जमकर भिड़ंत हुई। इटावा में पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की गई SP सिटी को थप्पड़ मार दिया। वहीं, लखनऊ, प्रतापगढ़, हमीरपुर, सिद्धार्थनगर, अमरोहा, रायबरेली, फिरोजाबाद, कानपुर, एटा, पीलीभीत, महोबा, बाराबंकी, चंदौली समेत 15 जिलों में गोलीबारी, पथराव, उपद्रव और मारपीट हुई थी। अधिकतर जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं पर उपद्रव करने के आरोप हैं।

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