असम-मिजोरम बॉर्डर पर तनाव: जंगल में छिपकर उपद्रवी कर रहे गोलीबारी, पांच पुलिस जवान शहीद

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नई दिल्ली। असम-मिजोरम बॉर्डर पर तनाव बना हुआ है। सीमा से जुड़े विवाद को लेकर सोमवार को असम और मिजोरम बॉर्डर पर जमकर बवाल हो गया था। दोनों राज्यों के लोगों, पुलिस के बीच हिंसा हुई और इसमें असम पुलिस के पांच पुलिस जवान शहीद हो गए। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री एक-दूसरे से शांति बनाए …

नई दिल्ली। असम-मिजोरम बॉर्डर पर तनाव बना हुआ है। सीमा से जुड़े विवाद को लेकर सोमवार को असम और मिजोरम बॉर्डर पर जमकर बवाल हो गया था। दोनों राज्यों के लोगों, पुलिस के बीच हिंसा हुई और इसमें असम पुलिस के पांच पुलिस जवान शहीद हो गए। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री एक-दूसरे से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों से बात की है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मंगलवार सुबह सिलचर पहुंचकर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। असम-मिजोरम बॉर्डर पर हुए संघर्ष में असम पुलिस के के पांच जवान शहीद हुए हैं।

असम के काछर, करीमगंज, हैलाकांडी इलाके जो कि मिजोरम के एज़वाल, मामित और कोलासेब से जुड़ते हैं, वहां पर ही हिंसा हो रहहो रही है। इसी विवाद के कारण बीते दिन दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच ट्विटर वॉर भी हुई। मिजोरम के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के मुताबिक, असम पुलिस ने हमारे लोगों पर ओपन फायरिंग की, ग्रेनेड फेंके। ऐसे में हमारे पास जवाबी फायरिंग करने के अलावा कोई चारा नहीं था।

वहीं, एक असम पुलिस ऑफिसर के मुताबिक, इस हिंसा में करीब पचास लोग घायल हुए हैं। अभी भी लोग जंगलों में छिपे हुए हैं, जहां से गोलियों की आवाज़ें आ रही हैं। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जब दोनों पक्षों के लोग बातचीत कर रहे थे, तब कुछ उपद्रवियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी जिसके बाद बवाल शुरू हुआ।

बॉर्डर पर जारी हिंसा के बाद अब यहां सीआरपीएफ ने यहां पर मोर्चा संभाल लिया है। जानकारी के मुताबिक, सीआरपीएफ की दो कंपनियों को अभी तैनात किया गया है। बीती शाम को ही सीआरपीएफ ने लाउडस्पीकर की मदद से सभी से वापस जाने और शांति बनाए रखने की अपील की थी।

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