यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम: टूटे अब तक के सभी रिकार्ड, जानिए कितने फीसदी छात्र हुए सफल

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लखनऊ। तमाम ऊहापोह की स्थिति के बाद यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटमीडिएट 2021 का परीक्षा परिणाम शनिवार को जारी कर दिया गया। कोरोना संक्रमण काल में बिना परीक्षा के जारी हुआ परिणाम ने इस बार यूपी बोर्ड के सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं। ​अधिकारियों ने बताया कि 99.53 फीसदी हाईस्कूल में तो इंटरमीडिएट में 97.88 …

लखनऊ। तमाम ऊहापोह की स्थिति के बाद यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटमीडिएट 2021 का परीक्षा परिणाम शनिवार को जारी कर दिया गया। कोरोना संक्रमण काल में बिना परीक्षा के जारी हुआ परिणाम ने इस बार यूपी बोर्ड के सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं। ​अधिकारियों ने बताया कि 99.53 फीसदी हाईस्कूल में तो इंटरमीडिएट में 97.88 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए हैं। इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि इतनी संख्या में बच्चे पास हुए हो। माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में लिखित परीक्षा न होने से 55.36 लाख छात्र-छात्राएं पास हुए हैं।

इस बार की हाईस्कूल परीक्षा के लिए कुल 29 लाख 96 लाख 31 परीक्षार्थी थे, उनमें से 29 लाख 82 हजार 55 पास हुए हैं। इनमें 16 लाख 68 लाख 868 छात्र व 13 लाख 13 हजार 187 छात्राएं हैं। ऐसे ही इंटर के लिए 26 लाख 10 हजार 247 परीक्षार्थी थे, उनमें से 25 लाख 54 हजार 813 पास हुए हैं। इनमें 14 लाख 37 हजार 33 छात्र व 11 लाख 17 हजार 780 छात्राएं हैं। अधिकारियों ने बताया कि छात्र अपने रोल नंबर की मदद से बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in तथा upresults.nic.in जाकर चेक कर सकते हैं।

इस बार नहीं जारी हुई मेरिट
इस बार मुख्यमंत्री के निर्देश पर किसी भी परीक्षार्थी की मेरिट को नहीं घोषित किया गया है। बोर्ड के 100 वर्ष के इतिहास में पहली बार हाईस्कूल में 99.53 व इंटर में 97.88 फीसद उत्तीर्ण हुए हैं। शनिवार को जारी परिणाम में विशेष फार्मूले के तहत उम्दा अंकों से सफल होने वालों की भरमार है, हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस वर्ष मेरिट जारी नहीं की गई है। अधिकारियों ने कहा कि मेरिट जारी होने से छात्रों में सिर्फ निराशा होती, क्योकि परीक्षा नहीं हुई है।

एक लाख 45 हजार छात्रों को सामन्य तरह से किया गया पास
निदेशक विनय कुमार पाण्डेय ने बताया कि बोर्ड ने ऐसे छात्र-छात्राएं जो तय फार्मूले के तहत न्यूनतम उत्तीर्णांक नहीं पा सके, लेकिन आंतरिक मूल्यांकन में उत्तीर्ण हैं, उन्हें सामान्य प्रोन्नति दी गई है। साथ ही ऐसे परीक्षार्थी जिनके 9वीं व 11वीं के वार्षिक परीक्षा या फिर 10वीं व 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक उपलब्ध नहीं थे, उन्हें भी बिना अंकों के प्रोन्नत किया है। हाईस्कूल में ऐसे विद्यार्थी की संख्या 82 हजार 238 है, जबकि इंटर में 62 हजार 506 को सामान्य प्रोन्नति दी गई है।

ये छात्र—छात्राएं हुए फेल
हाईस्कूल में एक फीसद से कम यानी .47 और इंटरमीडिएट में 2.12 फीसद छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जो अनुत्तीर्ण हुए हैं। निदेशक का कहना है कि ये वे विद्यार्थी हैं जो तय फार्मूले की परीक्षाओं में अनुपस्थित थे या विदहेल्ड हैं यानी जिन विद्यार्थी के अभिलेख पूरे नहीं है या उनके अंकपत्र आदि त्रुटिपूर्ण हैं, वे सब फेल हो गए हैं।

माध्यमिक शिक्षा परिषद्, के 10वीं व 12वीं कक्षा के परिणामों में सफल हुए सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों व गुरुजनों को हृदय से बधाई! कोरोना की विषम परिस्थितियों में आपकी सफलता सराहनीय है। मां सरस्वती से सभी के उज्ज्वल भविष्य व कुशाग्र बुद्धि की कामना है….योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश

दसवीं और बारहवीं के सभी सफल छात्र—छात्राओं को बधाई, मैं उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। हमारे विद्यार्थियों ने कोरोना वायरस संक्रमण के कठिन समय में मेहनत की और उसी का ही नतीजा आया है…उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा

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