बरेली: चंद्रपाल महाविद्यालय में पकड़ी सामूहिक नकल
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) की मुख्य परीक्षा में सोमवार को सचल दल ने चंद्रपाल सिंह डिग्री कॉलेज, शेयोदासपुर ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद में छापा मारा। सचल दल को देखकर छात्रों ने कक्षों की खिड़कियों से नकल सामग्री फेंक दी। सचल दल ने तीन छात्रों को नकल सामग्री के साथ पकड़ा और उन्हें अनुचित साधन …
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) की मुख्य परीक्षा में सोमवार को सचल दल ने चंद्रपाल सिंह डिग्री कॉलेज, शेयोदासपुर ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद में छापा मारा। सचल दल को देखकर छात्रों ने कक्षों की खिड़कियों से नकल सामग्री फेंक दी। सचल दल ने तीन छात्रों को नकल सामग्री के साथ पकड़ा और उन्हें अनुचित साधन प्रयोग (यूएफएम) के दोष में बुक किया। सचल दल की रिपोर्ट के बाद महाविद्यालय पर कार्रवाई की जाएगी। महाविद्यालय को डिबार भी किया जा सकता है।
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि नकल पकड़े जाने के मामले में कोई रियायत नहीं दी जाएगी। सोमवार को मुख्य परीक्षा 54 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। एक दिन में सबसे अधिक छात्र परीक्षा में शामिल हुए। सबसे अधिक 1498 छात्रों ने भी पहली बार परीक्षा छोड़ी है।
सचल दल ने चंद्रपाल सिंह डिग्री कॉलेज में निरीक्षण को पहुंचते ही छात्रों द्वारा गाइड, नोट्स, पर्ची, प्रिंटेड सामग्री आदि को खिड़कियों से बाहर फेंकना शुरू कर दिया। सचल दल के सदस्यों ने इस बात को अपनी रिपोर्ट में नोटिस किया है। सचल दल ने माना कि प्रथम दृष्टया यह सामूहिक नकल का मामला प्रतीत होता है।
उड़ाका दल के समन्वयक प्रोफेसर के.के.माहेश्वरी हैं। छापा मारने वालों में डॉ हेमा वर्मा व डॉ रामबाबू सिंह रहे। कुछ दिन पहले ही सचल दल ने शाहजहांपुर के नवादा महाविद्यालय में 14 छात्रों को नकल के साथ पकड़ा था। इस मामले में महाविद्यालय को डिबार कर दिया गया और केंद्राध्यक्ष और नकल के साथ पकड़े गए शिक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इससे पहले भी जो महाविद्यालय नकल के साथ पकड़े गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
सचल दल का रास्ता रोका गया
चंद्रपाल डिग्री कॉलेज ने जब सचल दल पहुंचा तो उसे महाविद्यालय में पहुंचने में काफी दिक्कत हुई, क्योंकि मुख्य द्वार पर करीब 100 से अधिक बाइक खड़ी थीं। ऐसे में सचल दल को 500 मीटर दूर वाहन रोकना पड़ा। सचल दल ने जब परीक्षा कंट्रोल रूम के बारे में पूछा तो पता चला कि कमरे में ताला पड़ा था। जब ताला खोलकर देखा तो सीसीटीवी कैमरे कार्य नहीं कर रहे थे। कॉलेज के बाहर 30 से 40 लोग जमा थे, जो नहीं होने चाहिए थे। इसके अलावा बिजली की व्यवस्था नहीं थी। जनरेटर चल रहा था लेकिन उसका साइलेंसर निकला था, जिसकी वजह से शोर हो रहा था।
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