लखनऊ: संयुक्त छापेमारी में 686 करोड़ रुपए की नशीली दवाइयां बरामद, ऐसे हुआ खुलासा
लखनऊ। एसएसबी के साथ ही जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से महाराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र में दवा तस्कर के ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कुंतलों के हिसाब से नशीली दवाएं, इंजेक्शन, सीरप बरामद हुआ है। जिसकी अनुमानित कीमत 686 करोड़ रुपए के आसपास बताई जा रही है। संयुक्त छापेमारी …
लखनऊ। एसएसबी के साथ ही जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयुक्त रूप से महाराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र में दवा तस्कर के ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कुंतलों के हिसाब से नशीली दवाएं, इंजेक्शन, सीरप बरामद हुआ है। जिसकी अनुमानित कीमत 686 करोड़ रुपए के आसपास बताई जा रही है। संयुक्त छापेमारी में नशीली दवाओं का काला कारोबार करने वाला मुख्य अभियुक्त गोविंद गुप्ता फरार हो गया है। हालांकि उसके बाद मिलकर काम करने वाले भाई रमेश गुप्ता को टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।
तस्कर अपनी ज्यादातर दवाओं की बिक्री कोरियर के माध्यम से करता था। आसपास के जिलों के नशे के लती लोग भी उससे थोक के भाव दवा लेकर जाते थे। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ज जमुई कला गांव से यह काला करोबार चलाया जा रहा था। छापेमारी में 104 बोरियों में 25180 नशीले इंजेक्शन, 18772 नशीले सीरप प्रत्येक सौ एमएल., 313384 कैप्सूल एवं 124895 नशीली टैबलेट बरामद किया गया है। इनमें कोडिन सिरप, डाइजेपाम, बुप्रेनार्फिन, एल्प्राजोलाम टेबलेट, निट्राजीपाम और ट्रामाडाल ब्रांड की दवाएं शामिल हैं। टेबलेट शामिल हैं।
संयुक्त टीम को इस दौरान एक 134460 प्रिटेड लेबल बरामद हुआ है। इलाके में लोग गोविंद गुप्ता को दवा कारोबारी के रूप में जानते थे और इलाके में ही उसका एक मेडिकल स्टोर भी है। आरोप यह भी है कि इस मेडिकल स्टोर से भी नशीली दवाओं की बिक्री की जाती थी। हालांकि भारत-नेपाल सीमा पर नशीली दवाओं की इनती बड़ी खेप पकड़ी जाना अपने आप में ही पुलिस और सीमा की सुरक्षा करने वाले सुरक्षाबलों की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहा है। गोविंद गुप्ता अपने घर से ही प्रदेश के कई जिलों के साथ ही नेपाल में भी नशीली दवाओं का कारोबार चला रहा था।
जिले की ठूठीबारी थानाक्षेत्र के ग्राम जमुई कला से बरामद 686 करोड़ी की नशीली दवाओं को बरामद कराने में उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। छापेमारी कर नशीली दवाओं को बरामद करने वाली टीम में ठूठीबारी के प्रभारी थानाध्यक्ष अरुण कुमार दुबे, एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट संजय कुमार, औषधि निरीक्षक शिव कुमार नायक, जय सिंह, उपनिरीक्षक भगवान बख्श सिंह के साथ ही कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। वहीं मुख्य फरार चल रहे मुख्य आरोप गोविंद गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अपनी कई टीमें गठित की हैं। पुलिस का दावा है कि जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
