आइटी सेल की कार्यशाला में सीएम योगी बने डिजिटल गुरु, कहा-भाषा की मर्यादा बनाए रखें
लखनऊ। धर्मक्षेत्र से राजनीति में धाक जमाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को डिजिटल गुरु सरीखे दिखे। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रदेश भर से आए आईटी व सोशल मीडिया विभाग के क्षेत्रीय व जिला संयोजकों को उन्होंने बड़ी बारीकी से प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने के टिप्स दिए। साथ ही कहा कि सोशल मीडिया एक बेलगाम …
लखनऊ। धर्मक्षेत्र से राजनीति में धाक जमाने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को डिजिटल गुरु सरीखे दिखे। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रदेश भर से आए आईटी व सोशल मीडिया विभाग के क्षेत्रीय व जिला संयोजकों को उन्होंने बड़ी बारीकी से प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने के टिप्स दिए। साथ ही कहा कि सोशल मीडिया एक बेलगाम घोड़ा है, जहां प्रशिक्षण की जरूरत है। इसलिए भाजपा कार्यकर्ता भाषा की मर्यादा बनाए रखें।
सोशल मीडिया व आइटी विभाग की कार्यशाला करके भाजपा ने एक तरह से शुक्रवार को चुनावी बिगुल फूंक दिया। जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटी सेल और सोशल मीडिया की अलग-अलग भूमिका को रेखांकित किया। फिर कहा कि प्रदेश व केंद्र सरकार के इतने सारे सकारात्मक कार्य व उनके डेटा हैं। जिनका व्यापक तौर पर फेसबुक, whatsapp , इंस्टाग्राम, ट्वीटर व टेलीग्राम पर प्रचार करना चाहिए। यह डेटा राइटिंग कंटेंट की बजाय मल्टीमीडिया फ्रेम में मसलन कार्टून, इंफोग्राफिक्स, कंपरेटिव चार्ट आदि से प्रस्तुत करें।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया बेहद महत्वपूर्ण है और मीडिया भी यहां से मुद्दे उठाता है। पेगासस मामले को लेकर संसद में हुए हंगामे पर उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि इसमें कोई तथ्य या प्रमाण नहीं है। उन्होंने ऐसे विषयों पर सावधान रहने का सुझाव दिया। इस दौरान सीएम ने धारा 370 से लेकर बिना विवाद के राममंदिर निर्माण का फैसला आने, निर्माण शुरू होने और कोरोना काल में हुए कार्यों की भी जानकारी दी। इससे पहले उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, आइटी व सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष अंकित सिंह चंदेल और राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
लाभार्थियों के वीडियो बनाकर डालें
मुख्यमंत्री ने केंद्र व राज्य सरकार आवास, जनधन, गरीब कल्याण, कोराना काल की सेवाओं आदि के आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि इससे लाभार्थियों के जीवन में बदलाव आए हैं। हरेक कार्यकर्ता दस लाभार्थियों का 20-20 सेकेंड का वीडियो बनाकर यह बदलाव सोशल मीडिया पर अपलोड करे।
बूथ तक बने whatsapp ग्रुप
समापन सत्र में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि आपके दम पर 2022 चुनाव जीतना है। सोचो तो ठंडा सोचो, मीठा बोलो, सीने में आग, और पैर में चक्कर। जब तक बूथ तक समिति और whatsapp ग्रुप न बन जाए तब तक चलते रहना है। प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने संयोजकों को 25 सितंबर तक सेक्टर व बूथ स्तर तक यह तैयारी करने को कहा। कहा कि अब आईटी विभाग कॉल सेंटर, मैसेजिंग, डेटा बेस एडमिनिस्ट्रेशन, कार्यकर्ताओं से डिजीटल कम्यूनिकेशन और वर्चुअल मीटिंगें आयोजित कराएगा। जबकि सोशल मीडिया विभाग केवल सोशल मीडिया का दायित्व संभालेगा।
