बरेली: बेरोजगारी कम करने की कवायद…मछली पालकों को प्रतिमाह मिलेंगे 15 सौ रुपये
बरेली, अमृत विचार। प्रदेश में बेरोजगारी के बढ़ते ग्राफ को कम करने के लिए शासन अनेक प्रयास कर रहा है। मत्स्य विभाग मछली पालन, बिक्री आदि के जरिये इस विभाग से जुड़े सभी मछली पालकों को तीन माह तक 1500 रुपये प्रतिमाह देगा। नदियों में पानी अधिक होने से मछुआरों को नदी में जाने पर …
बरेली, अमृत विचार। प्रदेश में बेरोजगारी के बढ़ते ग्राफ को कम करने के लिए शासन अनेक प्रयास कर रहा है। मत्स्य विभाग मछली पालन, बिक्री आदि के जरिये इस विभाग से जुड़े सभी मछली पालकों को तीन माह तक 1500 रुपये प्रतिमाह देगा। नदियों में पानी अधिक होने से मछुआरों को नदी में जाने पर रोक लगा दी जाती है। ऐसे में इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को मत्स्य विभाग की पहल पर यह सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
विभागीय तौर पर ब्योरा तैयार कर 15 अगस्त से पूर्व शासन को भेज दिया जाएगा। इसके लिए बरेली मंडल के जिलों को मिलाकर अभी तक नौ सौ से ज्यादा लोगों ने पंजीकरण कराया है। शासन की मंशा है कि इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को वित्तीय संकट का सामना न करना पड़े। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जुलाई से सितंबर तक भार बरसात के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है। ऐसे में मछली पालकों का व्यवसाय ठप हो जाता है।
ऐप के जरिए होगा पंजीकरण
विभाग द्वारा लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से फिश फार्मर एप का निर्माण कराया गया है। वित्तीय मदद का लाभ पाने के लिए मोबाइल के जरिए ऐप को डाउनलोड कर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ऐप पर विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं के बारे में भी जानकारी मुहैया कराई जाएगी। अभी तक विभाग द्वारा पीलीभीत में 150, बदायूं में 150 , शाहजहांपुर में 120 और बरेली में 300 लोगों के पंजीकरण कराए जा चुके हैं।
मछली पालन या इसके व्यवसाय से जुड़े हर प्रकार के लोगों के लिए यह सुविधा है। इसके लिए लोगों को पंजीकरण कराना जरुरी है, ताकि उनका ब्योरा तैयार कर यह लाभ मुहैया कराया जा सके। इसके लिए विभाग द्वारा डाटा तैयार करने का काम तेजी से कराया जा रहा है। -सृष्टि यादव, उपनिदेशक, मत्स्य विभाग
