बरेली: प्याऊ की जगह दुकानदार को आवंटन ने अफसरों को फंसाया

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बरेली, अमृत विचार। तिलक इंटर कॉलेज की मार्केट में गुपचुप तरीके से एक दुकानदार को प्याऊ के लिए निर्धारित जगह के लिए दुकान का आवंटन कर दिया गया। उसके बाद आवंटी ने नगर निगम की दुकान का स्वरूप बदलकर प्याऊ को भी अपनी दुकान में शामिल कर लिया। बाद में कार्रवाई के तौर पर नगर …

बरेली, अमृत विचार। तिलक इंटर कॉलेज की मार्केट में गुपचुप तरीके से एक दुकानदार को प्याऊ के लिए निर्धारित जगह के लिए दुकान का आवंटन कर दिया गया। उसके बाद आवंटी ने नगर निगम की दुकान का स्वरूप बदलकर प्याऊ को भी अपनी दुकान में शामिल कर लिया। बाद में कार्रवाई के तौर पर नगर निगम ने सिर्फ 25 हजार रुपये का मामूली जुर्माना लगाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की लेकिन 4 अगस्त को नगर निगम की कार्यकारिणी के पार्षदों के यह मामला उठाने के बाद अब हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि नगर निगम के अधिकारी इस मामले में कार्रवाई करने से लगातार बच रहे हैं।

नगर निगम की कार्यकारिणी के पार्षदों ने मेयर डॉ. उमेश गौतम व नगर आयुक्त अभिषेक आनंद के समक्ष यह मामला उठाया था कि तिलक इंटर कॉलेज की दुकान संख्या-04 जो कि निगम के अभिलेख में मूल आवंटी राममूर्ति लाल पुत्र भोलेनाथ के नाम से दर्ज है, उनके स्थान पर नगर आयुक्त के अनुमोदन के बाद 30 सितंबर 2020 में उदयवीर सिंह पुत्र महावीर सिंह का नाम दर्ज कर दिया गया। इसमें हैरत वाली बात यह है कि नगर निगम जहां अपनी दूसरी दुकानों के प्रीमियम के लिए लाखों रुपये जमा कराने के साथ सामान्य दुकानों का किराया भी छह से सात हजार निर्धारित कर रहा है, वहीं इस दुकान का प्रीमियम महज 30 हजार 375 रुपये और 425 रुपये महीने का मामूली किराया तय कर दिया गया।

कार्यकारिणी के पार्षदों ने इसे लेकर कई अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि करीब 20 साल से नामांतरण की प्रक्रिया ही बंद है तो कोरोना काल में दुकानदार को इस दुकान का आवंटन और नामांत्रण कर दिया गया। जबकि दुकानदार ने पहले प्याऊ को अवैध तौर से अपनी दुकान में ही शामिल कर लिया है। मामले में केवल 25 हजार रुपये का जुर्माना लेकर मामला शांत कर दिया था।

अफसरों ने कोई गैरकानूनी प्रक्रिया न होने का दावा किया
नगर निगम के एक उच्चाधिकारी ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले नगर आयुक्त के नेतृत्व में नामांतरण के लिए एक समिति बनाई गई थी। इसके बाद दुकानदारों से नामांतरण के लिए आवेदन भी मांगे गए थे। इसमें कुछ आवंटियों के नाम नामांतरण हुए भी हुए थे लेकिन बाद में कार्यकारिणी के विरोध के बाद पूरी प्रक्रिया को बंद कर दिया गया था। इसी प्रक्रिया के दौरान तिलक इंटर कॉलेज की दुकान नंबर-04 का भी नामांतरण हुआा है।

नॉवल्टी व पंजाबी मार्केट की दुकानों के मामले भी पड़े ठंडे
कार्यकारिणी के पार्षदों की शिकायत और नगर निगम की जांच के बाद नॉवल्टी चौराहे के पास नगर निगम 10 और पंजाबी मार्केट में 27 दुकानों में अवैध निर्माण के मामले सामने आए थे। अफसरों की ओर से इसमें कार्रवाई की बात कही गई थी लेकिन इसमें अब तक कोई कदम नहीं बढ़ाए गए हैं।

तिलक इंटर कॉलेज सहित निगम की दूसरी दुकानों के मामलों को लेकर कई बार कार्यकारिणी मामले उठा चुकी है लेकिन अफसरों की ओर से कार्रवाई नहीं हो रही। इसलिए यह मुद्दा फिर से उठाया जाएगा। -संजय राय, उपसभापति, नगर निगम

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