बरेली: कल से तीन केंद्रों पर होगा मुख्य परीक्षा का मूल्यांकन, तैयारियां पूरी

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बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) की मुख्य परीक्षा का मूल्यांकन 14 अगस्त से शुरू हो जाएगा। मूल्यांकन के लिए परीक्षा भवन में तीन केंद्र बनाए गए हैं। गुरुवार को परीक्षा नियंत्रक ने समन्वयकों के साथ मूल्यांकन की तैयारियों को लेकर बैठक की और दिशा-निर्देश जारी किए। पूर्व वर्षों की तुलना में …

बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (रुविवि) की मुख्य परीक्षा का मूल्यांकन 14 अगस्त से शुरू हो जाएगा। मूल्यांकन के लिए परीक्षा भवन में तीन केंद्र बनाए गए हैं। गुरुवार को परीक्षा नियंत्रक ने समन्वयकों के साथ मूल्यांकन की तैयारियों को लेकर बैठक की और दिशा-निर्देश जारी किए। पूर्व वर्षों की तुलना में इस बार एक तिहाई कम ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा। शासन के दिशा-निर्देश के तहत 31 अगस्त तक स्नातक द्वितीय, तृतीय व परास्नातक अंतिम वर्ष का रिजल्ट जारी करना है।

विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं 15 जुलाई से चल रही हैं। परास्नातक की परीक्षाएं 14 अगस्त को समाप्त हो रही हैं। परास्नातक की प्रयोगात्मक परीक्षाएं भी 19 अगस्त तक समाप्त हो जाएंगी। हालांकि स्नातक की मुख्य परीक्षाएं 23 अगस्त और प्रयोगात्मक व मौखिक परीक्षाएं 28 अगस्त को समाप्त हो रही हैं।

शासन के द्वारा रिजल्ट और प्रवेश की तारीख निर्धारित करने के बाद विश्वविद्यालय के द्वारा मूल्यांकन शुरू किया जा रहा है ताकि समय पर रिजल्ट आ सके। मुख्य परीक्षा के लिए तीन मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। प्रो. आलोक श्रीवास्तव, प्रो. केके महेश्वरी व प्रो. संतोष अरोड़ा को मूल्यांकन केंद्र का समन्वयक बनाया गया है।

मूल्यांकन के लिए अधिकांश कापियां उत्तर-पुस्तिका संकलन केंद्रों से मंगा ली गई हैं और जो परीक्षाएं चल रही हैं, उनके भी उत्तर पुस्तिकाएं मूल्यांकन केंद्रों पर आ रही हैं। मूल्यांकन केंद्रों को कोरोना नियमों का पालन किया जाएगा। इसके साथ ही किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक रहेगी।

करीब 10 लाख उत्तर पुस्तिकाएं
पूर्व के वर्षों में करीब 30 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होता था लेकिन इस बार संख्या कम है। इसकी वजह है कि स्नातक और परास्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं नहीं हुई हैं। इसके अलावा एक विषय के सभी प्रश्नपत्रों को मिलाकर एक ही प्रश्नपत्र की परीक्षा आयोजित करायी गई है। यहां तक कि परीक्षा में प्रश्नों की संख्या भी कम रही है। इसकी वजह से उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या 10 लाख से भी कम हो गई है। इसकी वजह से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में समय कम लगेगा। यही वजह है कि इस बार पहले आतंरिक परीक्षकों के द्वारा ही मूल्यांकन शुरू कराया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर दूसरे विश्वविद्यालय के परीक्षकों को भी बुलाया जा सकता है। परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद ने बताया कि शनिवार से मूल्यांकन शुरू कर दिया जाएगा। समन्वयकों को दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।

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