यूपी की अर्थव्यवस्था पर सीएम योगी का बड़ा बयान, कानून-व्यवस्था को बताया रोल मॉडल

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सोमवार को विधानभवन के मुख्य द्वार पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने स्वाधीनता दिवस की प्रदेशवासियों को बधाई दी। कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि हमें देश की स्वाधीनता के अमृत महोत्सव वर्ष का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर …

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सोमवार को विधानभवन के मुख्य द्वार पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने स्वाधीनता दिवस की प्रदेशवासियों को बधाई दी। कहा कि यह हम सबका सौभाग्य है कि हमें देश की स्वाधीनता के अमृत महोत्सव वर्ष का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर उन्होंने पांच पुलिस अधिकारियों व कार्मिकों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक दिए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खतरनाक आतंकी संगठन अलकायदा समर्थित आतंकियों के साथ ही प्रतिबंधित सिख संगठन की धमकी के बाद भी ठीक नौ बजे विधान भवन पहुंचे। विधानभवन प्रांगण में ध्वाजारोहण के बाद उन्होंने झंडे को सलामी दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में पराधीनता के खिलाफ एक लंबी लड़ाई के बाद देश अनगिनत बलिदानों के बाद स्वतंत्र हुआ था। देश के अंदर विभिन्न स्थानों पर बने हुए शहीद स्मारक, स्वाधीनता आंदोलन से जुड़े हुए स्मारक देश की स्वाधीनता के संघर्ष के जीवंत उदाहरण हैं।

ये स्मारक महातीर्थ के रूप में हम सबको देश की स्वाधीनता की लड़ाई का एहसास कराते हैं। उन्होंने देश की स्वाधीनता की सामूहिक लड़ाई के प्रणेताओं में रानी लक्ष्मीबाई, मंगल पांडे के अतिरिक्त लखनऊ, मेरठ, गोरखपुर सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों के क्रांतिकारियों के शौर्य एवं योगदान को स्मरण किया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन करते हुए कहा कि गांधी ने देश के स्वाधीनता की लड़ाई को निर्णायक स्थिति में पहुंचाया।

‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, हम इसे लेकर रहेंगे’ का उद्घोष करने वाले लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का यह उद्घोष देश की स्वाधीनता का मंत्र बन गया था। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, स्वातंत्र्य वीर सावरकर, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे स्वाधीनता आंदोलन के अमर सेनानियों ने देश की इस लड़ाई को ऊंचाइयां प्रदान कीं। उन्होंने पं. राम प्रसाद बिस्मिल, ठा. रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खां, राजेन्द्र प्रसाद लाहिड़ी जैसे वीर सपूतों को आदरपूर्वक याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी आस्था व्यक्तिगत हो सकती है, हमारी पूजा पद्धति विशिष्ट हो सकती है, लेकिन जब हम राष्ट्र के परिप्रेक्ष्य में सोचते हैं, तो हमारा कर्तव्य ही हमारा राष्ट्रधर्म होता है। अपने इस कर्तव्य का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन ही राष्ट्रसेवा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बीते चार वर्षों के दौरान छठीं अर्थव्यवस्था से दूसरी अर्थव्यवस्था बन गया है।

आज उत्तर प्रदेश देश के सामने कानून-व्यवस्था की मजबूत स्थिति का रोल मॉडल बनकर उभरा है। दुनिया के निवेशक उत्तर प्रदेश को देश के सबसे अच्छे निवेश गंतव्य के रूप में स्वीकार कर रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने सरकार के चार साल में किए गए कार्यों की उपलब्धियां गिनाईं। योगी ने कहा कि अमृत महोत्सव वर्ष ऐसे समय में हमारे सामने है, जब वैश्विक महामारी कोरोना से पूरी दुनिया त्रस्त है।

कोरोना महामारी के बीच से ही रास्ता निकाल करके जीवन और जीविका को बचाने के लिए एक नई प्रतिस्पर्धा शुरू हुई है। उन्होंने देश के सभी वैज्ञानिकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने मात्र नौ माह में दो स्वदेशी वैक्सीन देकर देश को एक सुरक्षा कवच प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम स्वाधीनता दिवस के साथ आजादी के अमृत महोत्सव में प्रवेश कर रहे हैं। हमारी देश के प्रति जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि कार्यों को ईमानदारी के साथ आगे बढ़ाने और तेजी से समयबद्ध ढंग से उन्हें पूर्ण करने के प्रयासों में शासन हर स्तर पर मदद करेगा।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, जल शक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह, विधायी एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, महिला कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह, अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री मोहसिन रजा, विधान परिषद सदस्य स्वतंत्रदेव सिंह सहित राज्य सरकार के अन्य मंत्रिगण, मुख्य सचिव आरके तिवारी, पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, सूचना निदेशक शिशिर और अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

इन्हें मिलेगा पुलिस पदक

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन ब्रजभूषण, पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह, पुलिस उपाधीक्षक कोतवाली नगर मुरादाबाद इंदु सिद्धार्थ, निरीक्षक एटीएस चैंपियन लाल, आरक्षी एसटीएफ गौतमबुद्धनगर ऋतुल कुमार वर्मा को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक प्रदान किये जाने की घोषणा की। साथ ही, उन्होंने उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों व कार्मिकों को नौ पुलिस मेडल फॉर गैलेंट्री (पीएमजी), चार पुलिसकर्मियों को प्रेसिडेंट्स पुलिस मेडल (पीपीएम) फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस और 73 पुलिसकर्मियों को पुलिस मेडल (पीएम) फॉर मेरिटोरियस सर्विस के लिए बधाई दी।

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