बरेली: रुविवि ने अपराधियों के एडमिशन पर लगाई रोक

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बरेली, अमृत विचार। अक्सर देखा जाता है कि उच्च शिक्षण संस्थान में अपराधी भी एडमिशन (प्रवेश) करा लेते हैं। उसके बाद वह संस्थान का माहौल खराब करते हैं। ऐसे लोगों पर एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली है। विश्वविद्यालय ने प्रवेश नियमावली में आपराधिक मुकदमें में शामिल होने, दोष सिद्ध …

बरेली, अमृत विचार। अक्सर देखा जाता है कि उच्च शिक्षण संस्थान में अपराधी भी एडमिशन (प्रवेश) करा लेते हैं। उसके बाद वह संस्थान का माहौल खराब करते हैं। ऐसे लोगों पर एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने नकेल कसने की पूरी तैयारी कर ली है। विश्वविद्यालय ने प्रवेश नियमावली में आपराधिक मुकदमें में शामिल होने, दोष सिद्ध होने और हिस्ट्रीशीटर को प्रवेश न देने के बारे में स्पष्ट नियम बना दिए हैं। यदि कोई प्रवेश हो जाता है तो पता चलने पर भी उसका प्रवेश तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।

विदेशी छात्रों के प्रवेश के लिए भी प्रमाण पत्रों को पुलिस से सत्यापन कराने का नियम बनाया है। विश्वविद्यालय ने प्रवेश के लिए भारांक भी निर्धारित कर दिए हैं। स्नातक में प्रवेश के लिए न्यूनतम 45 फीसदी अंक अनिवार्य होंगे। 44.5 फीसदी अंक मान्य नहीं होंगे। इसके अलावा पाठ्यक्रम के समय के दो गुने वर्ष में डिग्री पूर्ण करनी होगी।

एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया एक अगस्त से शुरू हो गई है। 19 को विश्वविद्यालय ने प्रवेश नियमावली जारी करा दी। पहली बार नियमावली प्रकाशित की गई है और इसके बदले में 200 रुपये भी लिए जा रहे हैं। इस वर्ष सत्र 2021-22 के लिए प्रवेश नियमावली में नई शिक्षा नीति के तहत बदलाव भी किए हैं। इन्हीं बदलावों में अपराधियों को प्रवेश न देना भी प्रमुख रूप से शामिल है।

इसमें लिखा है कि विश्वविद्यालय की परीक्षा में अभद्र व्यवहार करने वाले छात्रों की शिकायत मिलने पर उन्हें किसी भी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि कोई छात्र जो पुलिस अभिलेखों में हिस्ट्रीशीटर है या अपराध में दोषसिद्ध पाया गया है या किसी आपराधिक मुकदमें में शामिल है तो उसे किसी महाविद्यालय में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यदि पहले से प्रवेश है तो किसी भी समय सूचना मिलने पर प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा।

महाविद्यालयों के प्राचार्य व विश्वविद्यालय के कुलपति महाविद्यालय व विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए किसी भी अभ्यर्थी के प्रवेश या दोबारा प्रवेश को बिना कोई कारण बताए निरस्त कर देंगे। किसी भी महाविद्यालयों में नियमों के विरुद्ध प्रवेश स्वीकार नहीं होंगे।

विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकृत छात्रों की संख्या से अधिक प्रवेश होने पर कुलपति को प्रवेश निरस्त करने का अधिकार होगा। कोई भी छात्र प्राचार्य, प्रॉक्टोरियल स्टॉफ, महाविद्यालय या विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी व सहपाठियों के साथ किसी प्रकार की हिंसा, गुंडागर्दी, रैगिंग या विश्वविद्यालय व महाविद्यालय के अधिकारी वर्ग के प्रति निंदनीय बात कहेगा तो उसका भी प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा और उसे भविष्य में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

प्रवेश नियमावली जारी कर दी गई है। अपराधियों को विश्वविद्यालय व महाविद्यालय में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। छात्र के अभद्र व्यवहार करने पर उसका प्रवेश भी निरस्त किया जाएगा। -प्रो. केपी सिंह, कुलपति रुविवि

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