ईयर फोन के उपयोग से सेहत पर पड़ता विपरीत असर
बरेली, अमृत विचार। खाली समय बिताने के लिए आजकल युवाओं में बात करने और गाना सुनने के लिए ईयर फोन, ब्लुटूथ पॉड आदि का शौक बढ़ता जा रहा है। भीड़भाड़ वाली जगहों के अलावा आफिस, घर, बाजार आदि में भी ईयर फोन का प्रयोग करते हैं। फलस्वरूप कुछ दिन तक इसका उपयोग करने पर शरीर …
बरेली, अमृत विचार। खाली समय बिताने के लिए आजकल युवाओं में बात करने और गाना सुनने के लिए ईयर फोन, ब्लुटूथ पॉड आदि का शौक बढ़ता जा रहा है। भीड़भाड़ वाली जगहों के अलावा आफिस, घर, बाजार आदि में भी ईयर फोन का प्रयोग करते हैं। फलस्वरूप कुछ दिन तक इसका उपयोग करने पर शरीर में अनेक गंभीर बीमारियां घर कर जाती हैं। ईयर फोन लगाने से न सिर्फ कान पर बुरा असर पड़ता है बल्कि आपकी सेहत को भी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में विशेषज्ञ ईयर फोन से दूरी बनाने की सलाह दे रहे हैं। बहुत ज्यादा जरूरत पड़ने पर ही लोगों को इसका प्रयोग करना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति दो घंटे से ज्यादा 90 डेसीबल से अधिक आवाज में गाने सुनता है, तो वह बहरापन का शिकार होने के अलावा कई बड़ी बीमारियों की चपेट में आ सकता है। दरअसल कानों की सुनने की क्षमता मात्र 90 डेसीबल होती है, जो लगातार गाने सुनने के साथ 40 से 50 डेसीबल तक कम हो जाती है।
इस वजह से व्यक्ति को दूर की आवाज सुनाई नहीं देती है। वहीं तेज आवाज में गाने सुनने से हृदय गति तेज हो जाती है और वह सामान्य के मुकाबले तेजी से धड़कने लगता है, जिससे हृदय गति रुकने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा ईयरफोन से निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगों की वजह से व्यक्ति के दिमाग पर बुरा प्रभाव पड़ता है। उसे सिर दर्द या नींद न आने की समस्या की शिकायत होने लगती है। ऑफिस या घर पर गाने सुनते समय एक-दूसरे से अपने ईयरफोन शेयर करने से कान में इंफेक्शन का खतरा भी रहता है।
ईएनटी विशेषज्ञ का कहना है कि इन सब परेशानियों से बचने के लिए सबसे पहले ईयर फोन का उपयोग करना बंद करना पड़ेगा। इसके अलावा कुछ समय के उपयोग के लिए भी अच्छी क्वालिटी के ईयर फोन का ही उपयोग करें। ऐसी दिक्कत होने पर लोगों को तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच कराकर उपचार लेना चाहिए ताकि समय रहते कान की बीमारियों से बचा जा सके। -डा. मोहित जिंदल, ईएनटी विशेषज्ञ
