बरेली: 12 गांवों की जमीनें अधिग्रहण की तैयारी पर किसानों ने कमिश्नरी घेरी

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बरेली, अमृत विचार। रामगंगानगर परियोजना के विस्तारीकरण को लेकर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने 12 गांवों की जमीनों को अधिग्रहण करने के संबंध में अभी तैयारी शुरू ही की कि मंगलवार को किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों से किसान मंडलायुक्त कार्यालय आ धमके और कार्यालय का घेराव कर दिया। …

बरेली, अमृत विचार। रामगंगानगर परियोजना के विस्तारीकरण को लेकर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने 12 गांवों की जमीनों को अधिग्रहण करने के संबंध में अभी तैयारी शुरू ही की कि मंगलवार को किसानों ने विरोध शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में ट्रैक्टर ट्रालियों से किसान मंडलायुक्त कार्यालय आ धमके और कार्यालय का घेराव कर दिया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल के नेतृत्व में कई किसानों ने मंडलायुक्त आर रमेश कुमार के साथ उनके केबिन में करीब घंटेभर तक बैठक की लेकिन उस बैठक में कोई मसला हल नहीं हुआ।

मंडलायुक्त ने साफ कहा है कि अधिग्रहण करने के संबंध में उनके पास बीडीए की ओर से अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है। किसानों की मांगों के साथ शासन की मंशा को भी प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि विधायक ने मंडलायुक्त के सामने यह कह दिया कि जमीनें अधिग्रहण नहीं होंगी, मंडलायुक्त ने हामी भर दी है लेकिन इस संबंध में मंडलायुक्त ने स्पष्ट बयान नहीं दिया है।

मंडलायुक्त ने बताया कि 31 अगस्त को बैठक बुलायी गयी है। जिसमें बीडीए उपाध्यक्ष, जिलाधिकारी और चार से पांच किसान मौजूद रहेंगे। बैठक में चर्चा के दौरान जमीन अधिग्रहण की जाएंगी या नहीं, इसका हल निकालेंगे। बता दें कि बरेली विकास प्राधिकरण की रामगंगानगर आवासीय योजना करीब 269 हेक्टेयर में फैली हुई है। यह भूमि वर्ष 2004 में अधिग्रहण की गयी थी। बीडीए ने कई कालोनियां बसाई हैं।

बीडीए इसी योजना के विस्तारीकरण के लिए आसपास के करीब 12 गांवों की जमीनें अधिग्रहण करने की तैयारी में है। जमीनें चिह्नित भी की है। विस्तार के लिए करीब 745.5 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की जाएगी। सभी गांवों का सर्वे भी कर लिया गया है। बताते हैं कि बीडीए ने योजना के विस्तार की रूपरेखा बना ली है। 12 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहण करने के लिए किसानों के सामने दो विकल्प रखे हैं। पहला सर्किल रेट से चार गुना रकम ले सकते हैं और दूसरा लैंड पूलिंग स्कीम के तहत वह अपनी मर्जी से बीडीए के साथ साझेदारी कर सकते हैं। इसमें बीडीए उनकी जमीन को विकसित करेगा और किसानों को करीब 25 फीसद भूमि देगा।

इन गांवों की है जमीनें
बीडीए ने योजना के विस्तार के लिए करीब 12 गांव चिह्नित किये हैं। इनमें चंद्रपुर बिचपुरी, डोहरिया, अब्दुलापुर माफी, कलारी, लालपुर, इटौआ बेनीराम, मोहनपुर उर्फ रामनगर, अहरौला, बालीपुर अहमदपुर, नवदिया झादा, कचौली गांव शामिल हैं। मंडलायुक्त कार्यालय में इन्हीं गांवों के किसान पहुंचे थे जो अपनी जमीनें देने को तैयार नहीं हैं। बालीपुर से रविंद्र पटेल, निर्वेश पटेल, श्याम सुंदर, पप्पू पटेल आदि दर्जनों किसान भी मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। इन किसानों की तमाम जमीनें बड़ा बाईपास के इस पार हैं, अच्छी खेती होती है। ऐसे में जमीनें अधिग्रहण हो गयीं तो किसान दिक्कत में आ जाएंगे।

डोहरिया व मोहनपुर उर्फ रामनगर में बने हैं सैकड़ों पक्के मकान
बीडीए ने जिन गांवों की जमीनें अधिग्रहण करने की तैयारी की है। उसमें कई गांव ऐसे हैं जो आबादी से सटे हैं और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने खेतिहर भूमि पर पक्के मकान भी बनवा लिये हैं लेकिन यह भूमि खसरा खतौनी में आज भी खेतिहर में दर्ज है। इसलिए ग्रामीणों को यह डर भी सता रहा है कि यदि जमीनें अधिग्रहण की गयीं तो उनके मकान भी तोड़े जा सकते हैं।

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