मुरादाबाद: छोटे दलों से बिछानी शुरू की सियासी बिसात, चौपाल पर चर्चाएं

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद,अमृत विचार। छोटे राजनीति दलों ने मिशन 2022 के मैदान उतरने की तैयारी कर रहे चेहरों की धुकधुकी बढ़ा दी है। कई विधायकों के समर्थकों द्वारा ऐसे संगठनों की जगह-जगह की बैठकें और कार्यकर्ता सम्मेलन की बड़े राजनीतिक घरानों में टोह ली जा रही है। साल 2012 के चुनाव में पीस पार्टी ने करिश्मा करके …

मुरादाबाद,अमृत विचार। छोटे राजनीति दलों ने मिशन 2022 के मैदान उतरने की तैयारी कर रहे चेहरों की धुकधुकी बढ़ा दी है। कई विधायकों के समर्थकों द्वारा ऐसे संगठनों की जगह-जगह की बैठकें और कार्यकर्ता सम्मेलन की बड़े राजनीतिक घरानों में टोह ली जा रही है। साल 2012 के चुनाव में पीस पार्टी ने करिश्मा करके सभी को चौका दिया था। हाल के दिनों में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रभारी और आईआईएमआई के चीफ का यहां दौरा हो चुका है।

वैसे तो विधान सभा चुनाव में अभी करीब छह माह का समय बाकी है। लेकिन, सभी दलों में मिशन 2022 को लेकर होमवर्क शुरू हो चुका है। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू कर दी है। दलों के रणनीतिकार कार्यकर्ताओं को नई चुनौती और उसमें कामयाबी की फसल के तरकीब समझा रहे हैं।

इस बीच छोटे राजनीतिक दलों ने उन विधायकों के चेहरे का रुआब छीन लिया है, जो फिर से कामयाबी का दावा कर रहे हैं। अभी किसी भी बड़े दल ने टिकट का अंतिम फार्मूला जारी नहीं किया है। लेकिन कई लोगों को इस बात का दावा कर रहे हैं कि उम्मीदवार हम ही होंगे।

उधर, भाजपा में अंदरूनी तौर पर टिकट के मुद्दे पर गहन मंथन जारी है। कांग्रेस अभी अकेल बल पर चुनाव लड़ने का दावा कर रही है। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया ने आरंभ में किसी से गठबंधन नहीं करने का प्राथमिक ऐलान किया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से कई डिवेट में छोटे दलों को साथ लेकर मैदान में उतरने की घोषणा की चर्चाएं हो रही हैं।

इस बीच पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, पीस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सादाब चौहान, एआइ्एमआईएम के अध्यक्ष असदउद्दीन आवैसी यहां कार्यकर्ताओं की नज्ब टटोल चुके हैं।

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के मुखिया शिवपाल सिंह यादव संभल सहित आसपास के क्षेत्रों में कई चक्कर लगा चुके हैं। पीस पार्टी ने साल 2012 में कांठ क्षेत्र में अपना झंडा फहरा दिया था। यहां से अनीसुर्रहमान विधायक चुन लिए गए थे। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि छोटे दलों की सक्रियता से क्षेत्र के कई बड़े दलों और खुद को असरदार बताने वाले घरानों के चेहरे उड़े हुए हैं।

संबंधित समाचार