बरेली: व्यापारी नहीं ले रहे दिलचस्पी, वैट के हजारों मामले अटके

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। तीन साल से तैनात वाणिज्य कर अफसरों के संभावित तबादले को लेकर वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) के हजारों मामले निस्तारित होने से अटक गए हैं। ज्यादातर व्यापारी कोरोना काल के दौरान वैट मामले में हुई एक पक्षीय कार्रवाई के कारण आवेदन नहीं कर रहे। जिन्होंने आवेदन किए, वह भी अब सुनवाई के …

बरेली, अमृत विचार। तीन साल से तैनात वाणिज्य कर अफसरों के संभावित तबादले को लेकर वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) के हजारों मामले निस्तारित होने से अटक गए हैं। ज्यादातर व्यापारी कोरोना काल के दौरान वैट मामले में हुई एक पक्षीय कार्रवाई के कारण आवेदन नहीं कर रहे। जिन्होंने आवेदन किए, वह भी अब सुनवाई के लिए अफसरों के पास नहीं जा रहे हैं। ऐसे में बरेली जोन में वैट के करीब पांच से छह हजार मामले अटके होने का अनुमान है।

बता दें, पिछले दिनों वाणिज्य कर मुख्यालय से वित्तीय वर्ष 2017-18 के वैट के तीन माह के मामलों के निस्तारण के लिए मार्च 2021 का समय निर्धारित किया था। उसी समय कोविड की दूसरी लहर के गति पकड़ने से ज्यादातर केस में व्यापारी अपना पक्ष अफसरों के सामने नहीं रख सके। इस पर अफसरों की तरफ से व्यापारियों पर एकपक्षीय कार्रवाई कर दी गई। ऐसे प्रकरणों में धारा-32 के तहत व्यापारी को स्पष्टीकरण देने के लिए एक मौका दिया जाता है।

उन्हें संबंधित खंड के अफसर को आवेदन देकर केस को फिर से खुलवाना पड़ता है लेकिन इस बीच अफसरों के तबादले संभावित हो गए। इसलिए ज्यादातर व्यापारियों ने आवेदन नहीं दिए। इस संबंध में एडिशनल कमिश्नर मुक्तिनाथ वर्मा का कहना है कि एकपक्षीय कार्रवाई के प्रकरण में व्यापारी को 30 दिन के अंदर आवेदन देना होता है। मामले को री-ओपेन और सुनवाई करने के बाद कर निर्धारण किया जाता है।

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