मुरादाबाद: दर्जा मंत्री के चालक की मौत के रहस्य से नहीं उठा पर्दा

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मुरादाबाद, अमृत विचार। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष ( दर्जा मंत्री ) गोपाल अंजान के चालक की मौत फांसी पर झूलने की वजह से हुई थी। उसकी मौत के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। मृतक का मोबाइल फोरेसिंक टीम के पास है, वह भी आत्महत्या के कारणों को तलाशने में जुटी …

मुरादाबाद, अमृत विचार। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष ( दर्जा मंत्री ) गोपाल अंजान के चालक की मौत फांसी पर झूलने की वजह से हुई थी। उसकी मौत के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। मृतक का मोबाइल फोरेसिंक टीम के पास है, वह भी आत्महत्या के कारणों को तलाशने में जुटी है। वहीं शु्क्रवार को दो डाक्टरों के पैनल ने चालक के शव का पोस्टमार्टम किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई।

पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दर्जा मंत्री शव देख फफक-फफक कर रोने लगे। उन्होंने चालक के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि लवकुश को वह चालक नहीं बल्कि अपने बेटे जैसा मानते थे। मझोला पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

सीतापुर जनपद के कस्बा व थाना अटरिया निवासी 26 वर्षीय लवकुश शुक्ला का शव गुरुवार देर शाम सर्किट हाउस के कमरा नंबर सात में पंखे से लटका मिला था। उसने बेडशीट को फाड़कर फंदा बनाया था और उसी से फांसी लगा ली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शुक्रवार को उसका पोस्टमार्टम कराया गया।

इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। इस दौरान खुद दर्जा मंत्री पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद रहे। दो चिकित्सकों डॉ. शोभित शर्मा और डॉ. अंशुमाली के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लवकुश शुक्ला की मौत का कारण हैंगिंग बताया गया है। उसके पेट में खाना भी मिला है। उसकी मौत दो से तीन दिन पूर्व हो गई थी। इसलिए माना जा रहा है कि उसने मंगलवार को ही फांसी लगा ली थी। लेकिन, उसने आत्महत्या क्यों कि इसका रहस्य जानने में पुलिस और फोरेसिंक टीम जुटी हुई है।

पांच भाइयों व दो बहनों में चौथे नंबर का था लवकुश शुक्ला
सर्किट हाउस के कमरा नंबर सात में फांसी लगाकर जान देने वाले लवकुश शुक्ला पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। उसके पिता देवीप्रसाद शुक्ला की मौत हो चुकी है। परिवार में विधवा मां के अलावा दो छोटी बहनें भी हैं।

रक्षाबंधन मनाकर सोमवार को आया था मुरादाबाद
मृतक के बड़े भाई संजय शुक्ला ने बताया कि लवकुश शुक्ला रक्षाबंधन पर घर गया था। हंसी-खुशी त्योहार मनाने के बाद वह सोमवार को ही मुरादाबाद आया था। घर में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है। उसके द्वारा उठाए गए इस कदम से पूरा परिवार स्तब्ध है।

चल रही थी शादी की तैयारी
बेहद मिलनसार और हंसमुख स्वभाव के लवकुश शुक्ला से बड़े तीनों भाइयों की शादी हो चुकी है। परिजन उसकी शादी की तैयारी कर रहे थे। मगर किसे पता था कि जिस भाई की शादी के लिए दुल्हन की तलाश की जा रही है, उसकी अर्थी को कंधा देना पड़ेगा।

फफक-फफक कर रोये दर्जा मंत्री
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दर्जा मंत्री गोपाल अंजान ने लवकुश का शव देखा तो अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और फफक-फफक कर रोने लगे। जाते समय चालक के भाई को ढांढस बंधाते समय कार में भी वह फफक पड़े। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि लवकुश पिछले एक साल से उनका ड्राइवर था, मगर वह उसे अपने बेटे जैसा मानते थे।

दो से तीन दिन पूर्व हुई मौत, सड़ने लगा था शव
चालक की मौत दो से तीन दिन पूर्व हुई थी। उसका शव सड़ने लगा था। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि सामान्य मौसम में इंसान का शरीर मौत के 45 घंटे बाद सड़ना शुरू हो जाता है और उसमें कीड़े पड़ने लगते हैं। सर्दी के मौसम में यह समय कुछ घंटे बढ़ जाता है। यदि चालक के कमरे का एसी बंद होता तो शव पूरी तरह सड़ जाता।

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