लखनऊ: डेंगू के खिलाफ निगम ने उतारी गम्बूजिया की फौज, पनपने से पहले ही..

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लखनऊ। डेंगू के खिलाफ नगर निगम ने गम्बूजिया की फौज उतार दी है, जो डेंगू से लड़ने में मदद करेगी। यह डेंगू के लार्वा को पनपने से पहले ही खत्म कर देगी। राजधानी के कुल 242 तालाबों में गम्बूजिया छोड़ी जा चुकी हैं। शहरी क्षेत्र के शीश महल तालाब, बटलर पैलेस, राजभवन और तेलीबाग सहित …

लखनऊ। डेंगू के खिलाफ नगर निगम ने गम्बूजिया की फौज उतार दी है, जो डेंगू से लड़ने में मदद करेगी। यह डेंगू के लार्वा को पनपने से पहले ही खत्म कर देगी। राजधानी के कुल 242 तालाबों में गम्बूजिया छोड़ी जा चुकी हैं। शहरी क्षेत्र के शीश महल तालाब, बटलर पैलेस, राजभवन और तेलीबाग सहित 32 तालाबों और ग्रामीण क्षेत्रों के 210 तालाबों में गम्बूजिया छोड़ी गयी हैं, जो डेंगू सहित मच्छरों के लार्वा को समाप्त करने का काम करेंगी। जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।

शहरी क्षेत्र में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा द्वारा गम्बूजिया मछलियां छोड़ी जा रही हैं। चिनहट क्षेत्र के तालाबों में नगर निगम द्वारा यह मछलियां पाली जा रही हैं। डेंगू एडीज एजिप्ट नामक मच्छर के काटने से फैलता है और अधिकतर दिन में काटता है। यह साफ पानी में पनपता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैसे तो साल भर डेंगू से बचाव के लिए नगर निगम के सहयोग से साफ—सफाई, ब्लीचिंग पाउडर, फागिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाता है। लेकिन डेंगू के लार्वा को पनपने से रोकने में गम्बूजिया मछलियां कारगर साबित हो रही हैं। यह मछलियां डेंगू सहित सभी लार्वा को पानी में पनपने से पहले ही खा जाती हैं। इसलिए तालाब आदि जहां हमेशा पानी जमा रहता है वहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा नगर निगम के सहयोग से गम्बूजिया मछलियां छोड़ी जाती हैं।

क्या है गम्बूजिया

गंबूजिया मछलियों की एक खास प्रजाति है। यह गंदे पानी में भी आसानी से पल सकती हैं। इनको पालने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है। यह मछलियां पानी में डेंगू सहित सभी तरह के लार्वा और अंडों को खा लेती हैं। जिससे डेंगू सहित अन्य मच्छर पनपने से पहले ही खत्म हो जाते हैं। इसलिए इन म​छलियों को तालाबों में छोड़ा जाता है जिससे मच्छरों को पैदा होने से रोका जा सके।

सावधानी ही डेंगू से एकमात्र बचाव का तरीका

सावधानी ही डेंगू से बचाव का एकमात्र रास्ता है। घरों और आस-पास साफ पानी जमा नहीं होने दें। डिप्टी सीएमओ केपी त्रिपाठी ने बताया कि घरों में कूलर, फ्रिज, पुराने टायर, गमलों, खुले में रखे पुराने बर्तन और ट्रे, बाथरूम आदि में पानी जमा ना होने दें। समय—समय पर कूलर और पानी की टंकी की सफाई करते रहें। उन्होंने बताया कि फुल आस्तीन के कपड़े पहनें, घरों में नीम के पत्तों का धुआं करें, ओडोमास आदि क्रीम लगाकर सोएं। यदि दो तीन दिनों से ज्याद बुखार हो तो कुशल चिकित्सक से परामर्श लें।

डेंगू, मलेरिया सहित वेक्टरजनित रोगों से बचाव के लिए समय-समय पर फागिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाता है। गम्बूजिया मछलियां सभी प्रकार के लार्वा को खा लेती हैं। जिससे मच्छरों को पनपने से रोकने में मदद मिलती है… केपी त्रिपाठी, डिप्टी सीएमओ,स्वास्थ्य विभाग।

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