यूपी: स्क्रीनिंग कमेटी फेल, अब शराब तस्करी के आरोपी का भाजपा में हुआ स्वागत
लखनऊ। बाहुबली जितेंद्र सिंह बबलू की पार्टी में एंट्री से भाजपा ने कोई सबक नहीं सीखा। इस बार पार्टी ने शराब तस्करी से लेकर अपहरण तक अनेक आरोपों से घिरे वैभव चतुर्वेदी को पार्टी में शामिल किया है। वैभव भाजपा के स्थानीय विधायक के कड़े विरोधी भी हैं। फिर भी पार्टी इन मुकदमों से इन्कार …
लखनऊ। बाहुबली जितेंद्र सिंह बबलू की पार्टी में एंट्री से भाजपा ने कोई सबक नहीं सीखा। इस बार पार्टी ने शराब तस्करी से लेकर अपहरण तक अनेक आरोपों से घिरे वैभव चतुर्वेदी को पार्टी में शामिल किया है। वैभव भाजपा के स्थानीय विधायक के कड़े विरोधी भी हैं। फिर भी पार्टी इन मुकदमों से इन्कार कर रही है। पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू तो सांसद रीता बहुगुणा जोशी के विरोध पर बाहर कर दिए गए थे, लेकिन इस बार जानबूझकर दागी को प्रवेश दिया गया है।
ऐसा माना जा रहा है। दो दिन पहले संतकबीर नगर के वैभव चतुर्वेदी को प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने समाजसेवी कहते हुए सदस्यता दिलाई। जबकि वैभव शराब तस्करी के मामले में जेल तक जा चुके हैं। वे खलीलाबाद सदर से भाजपा के ही विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे के प्रखर विरोधी हैं। इस बारे में पार्टी के प्रदेश महामंत्री एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला कहते हैं कि वैभव के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जानकारी नहीं है।
यह हैं आपराधिक मुकदमे
- कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने 50 लाख रुपये की हरियाणा निर्मित शराब पकड़े जाने के मामले में शैक्षणिक संस्थान प्रभा ग्रुप के निदेशक वैभव चतुर्वेदी अवैध शराब के मामले में जेल भेजा था।
- वैभव के खिलाफ अपने विधियानी स्थित संस्थान का जालसाजी कर रजिस्ट्रेशन कराने के आरोप में भी मुकदमा दर्ज है। यह रिपोर्ट सीएमओ की तहरीर पर दर्ज हुई थी।
- 12 अप्रैल 2020 को वैभव समेत पांच पर अपहरण व बलवा का दर्ज हुआ था। हालांकि इस मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग जाने की खबर है।
विधायक को नहीं लिया विश्वास में
वैभव को लाने के लिए भाजपा नेता इतने आतुर थे कि उन्होंने अपने स्थानीय विधायक जय नारायण चौबे तक को विश्वास में नहीं लिया। विधायक चौबे इस बारे में कुरेदने पर सिर्फ इतना कहते हैं कि इस ज्वाइनिंग में उनसे कोई परामर्श नहीं लिया गया।
