बाराबंकी: जिला पंचायत की अध्यक्षता में हुई सदन की पहली बैठक
बाराबंकी। जिले में जिला पंचायत के अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद सदन की पहली बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। जिसमें पुरानी कार्य योजनाओं और वित्तीय जानकारी के साथ नई कार्य योजनाओं का प्रस्ताव होना था। इस बीच नवनियुक्त जिला पंचायत सदस्यों की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर …
बाराबंकी। जिले में जिला पंचायत के अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद सदन की पहली बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। जिसमें पुरानी कार्य योजनाओं और वित्तीय जानकारी के साथ नई कार्य योजनाओं का प्रस्ताव होना था। इस बीच नवनियुक्त जिला पंचायत सदस्यों की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर एक दूसरे से विवाद की नौबत आ गई। जिसे जिला पंचायत अध्यक्ष के दखल के बाद संबंधित जानकरी दिए जाने के बाद कार्यवाही आगे बढ़ी।
जिला पंचायत के सभागार में सदन की पहली बैठक हुई। जिसका मुख्य मकसद 2021-22 के सत्र के तहत सदस्यों के प्रस्ताव लिए जाने थे। लेकिन कई जानकारियों को जिला पंचायत सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराए जाने से उठे सवालों पर विवाद की नौबत आ गई। उपस्थित विधायक ने बेसिक शिक्षा विभाग से सवाल खड़ा किया कि अनेक प्राथमिक विद्यालयों में आधा से एक दर्जन तक शिक्षकों की तैनाती है। इन विद्यालयों में वह अपनी ड्यूटी पर नहीं आते और शिक्षा मित्र पढ़ाई करा रहे हैं। बैठक में मुख्यरूप से विधायक सतीश चन्द्र शर्मा, गुलाब यादव समेत सभी जिला पंचायत सदस्य और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
आपसे में भिड़े डीडीसी..
कार्य समितियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए सिरौलीगौसपुर तृतीय से जिला पंचायत सदस्य रहे अहमद शहेनशाह ने जिला पंचायत अध्यक्ष से जानकारी मांगनी शुरू की। इस दौरान सदन का माहौल गर्म हो गया। कई अन्य सदस्यों, एमएलसी, और विधायक को ही नहीं सांसद को यह बात नागवार गुजरी। वहीं, बहस बढ़ता देख जिला पंचायत अध्यक्षा ने सभी को शांत कराते हुए जिला मुख्य अधिकारी से पूरी जानकारी देने को कहा। इसपर उन्होंने सभी कार्य समितियों और उनके सदस्यों का नाम लेकर विस्तार से जानकारी देकर सभी को उसकी कॉपी उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद सदन में कुछ शांति हुई।
यहां पर पाठशाला नहीं खुली- सांसद
सिरौलीगौसपुर तृतीय से जिला पंचायत सदस्य के पास सवालों की लम्बी फेहरिस्त थी। इसलिए उनके सवालों पर कई लोगों को आपत्ति हो रही थी। इस बात को समझते हुए उन्होंने कहा कि मेरी ओर से मांगी जा रही जानकारी से सभी साथियों को लाभ होगा। उन्होंने सवाल किया कि टाइड और अनटाइड का अंतर स्पष्ट किया जाए तो बात फिर भड़क उठी। जिसपर उनकों योजना और कार्य योजना पर नहीं अपने क्षेत्र कि बात करने की सलाह दी गई।
