रामपुर: पर्यूषण पर्व के पहले दिन हुई अहिच्छत्र पार्श्वनाथ की पूजा
रामपुर, अमृत विचार। पर्यूषण पर्व के पहले दिन की सुबह पंडित विवेक जैन शास्त्री द्वारा पांच प्रतिमाओं का मन्त्रोचार द्वारा अभिषेक कराया गया। प्रथम अभिषेक देवेंद्र कुमार जैन द्वारा किया गया। देव शास्त्र गुरु, सोलहकारण पूजा, पंच गेरु पूजा, अहिच्छत्र पार्श्वनाथ की सामूहिक पूजा की गई। शहर के मोहल्ला फूटा महल स्थित पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन …
रामपुर, अमृत विचार। पर्यूषण पर्व के पहले दिन की सुबह पंडित विवेक जैन शास्त्री द्वारा पांच प्रतिमाओं का मन्त्रोचार द्वारा अभिषेक कराया गया। प्रथम अभिषेक देवेंद्र कुमार जैन द्वारा किया गया। देव शास्त्र गुरु, सोलहकारण पूजा, पंच गेरु पूजा, अहिच्छत्र पार्श्वनाथ की सामूहिक पूजा की गई।
शहर के मोहल्ला फूटा महल स्थित पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में शुक्रवार को उत्तम क्षमा धर्म का विधान जयघोष के साथ हुआ। इसके बाद तत्वार्थ सूत्र का वचन शास्त्री जी द्वारा किया गया। संध्या कालीन आरती भाव नृत्य एवं संगीत के साथ की गई। टीकमगढ़ से आए पंडित विवेक जैन शास्त्री ने उत्तम क्षमा धर्म पर अपने प्रवचन में कहा उत्तम क्षमा जहां मन होई, अंतर बाहर शत्रु न कोई।
अर्थात उत्तम क्षमा को धारण करने से जीवन की समस्त कुटिलताएं समाप्त हो जाती हैं मानव का समस्त प्राणी जगत से एक अनन्य मैत्रीभाव जागृत हो जाता है। क्षमा वीरस्य भूषणम, क्षमा वीरों का आभूषण है। हमारे मन में क्रोध आने पर विकास का भाव उत्पन्न हो जाता है उससे पाप होते हैं। इसलिए प्रत्येक प्राणी को क्षमा धारण करना चाहिए। क्रोध बढ़ने पर शांत रहना चाहिए। हमसे जाने अनजाने जो भी भूल हो गई हो उसे स्वीकार करते हुए क्षमा मांग लेना चाहिए इससे हमारी आत्मा पावन हो जाती है।
रात्रि कार्यक्रम में दीप प्रज्जवलन डा. ज्ञानेंद्र कुमार जैन ने किया। मुनि 108 श्रेष्ठ सागर जी महाराज की यशकीर्ति को समर्पित एकल अभिनय कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। विचार बिन्दु कार्यक्रम में रानी चेलता पर खुशी जैन ने विचार पेश किए। शो मोर टेलेंट कार्यक्रम का संचालन डा. शीनू जैन ने किया। इस मौके पर दिनेश जैन खण्डेलवाल, विशाल जैन, आशीष जैन, अजय जैन, अनिल जैन, सुमन जैन, निर्मल जैन, बीना जैन, रुकमणि जैन, शोभा जैन, अंजू जैन, अनीता जैन, लक्ष्मी जैन आदि मौजूद रहे। डा. शीनू जैन ने बताया कि सभी कार्यक्रम कोविड-19 की गाइड लाइन के मुताबिक आयोजित हुए।
