मुरादाबाद: अब पुलिस की मुट्ठी में होगी अपराधियों की जन्मकुंडली
मुरादाबाद, अमृत विचार। अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एसएसपी बबलू कुमार ने मंगलवार को पुलिस लाइन से 19 ईगल बाइकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एसएसपी की यह स्पेशल टीम प्रत्येक थाना क्षेत्र में अपराधियों के घर जाकर उनके बारे में जानकारी हासिल करेगी। उनका दावा है कि इस योजना के …
मुरादाबाद, अमृत विचार। अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एसएसपी बबलू कुमार ने मंगलवार को पुलिस लाइन से 19 ईगल बाइकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एसएसपी की यह स्पेशल टीम प्रत्येक थाना क्षेत्र में अपराधियों के घर जाकर उनके बारे में जानकारी हासिल करेगी। उनका दावा है कि इस योजना के लागू होने से अपराध का ग्राफ तेजी से नीचे आएगा।
जनपद के 19 थाना क्षेत्रों में ईगल बाइक देकर अपने-अपने थानाक्षेत्रों में रहने वाले अपराधियों के सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एक बाइक पर दो सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक ईगल कर्मियों को एक दिन में दस अपराधियों के बारे में जानकारी करके उसकी सूचना त्रिनेत्र ऐप में डाउनलोड करनी होगी। हर अपराधी का फोटो भी पुलिस इस एप पर डाउनलोड करेगी।
महीने भर बाद ही जनपद के सभी अपराधियों के बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी पुलिस के पास होगी। यह भी पता चल जाएगा कि वह वर्तमान में कहां रहते हैं और क्या करते हैं। ईगल कर्मियों की मुट्ठी में अपने क्षेत्र में रहने वाले हर अपराधी की जन्मकुंडली होगी। इसके लिए वह हर अपराधी का डोजियर भी बनाएंगे। इसके अलावा ईगल पर तैनात पुलिस कर्मियों से विशेष परिस्थितियों के अलावा अन्य कोई काम नहीं लिया जाएगा।
एसएसपी खुद इसकी मानिटरिंग करेंगे। एसएसपी ने बताया कि जब महीने में दो बार अपराधियों के दरवाजे पर पुलिस दस्तक देगी तो उनके दिल में वर्दी का भय होगा। वह किसी भी नए अपराध को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचेंगे। इस दौरान एसपी सिटी अमित कुमार आनंद, एएसपी अनिल कुमार यादव, एएसपी सागर जैन के साथ अन्य पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे।
मौजूदा समय में नौ हजार अपराधियों का डोजियर तैयार किया गया है। इनमें बीते पांच सालों में विभिन्न अपराधों में शामिल अपराधियों के नाम भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य बीते पांच वर्षों में अपराध करने वाले सभी 10 हजार अपराधियों का सत्यापन करना है। इसके साथ अगर कोई अपराधी दूसरे राज्य में कार्यरत है, तो इसकी जानकारी लेकर संबंधित राज्य के थाने को उसके बारे में सूचना दी जाएगी। ताकि उस राज्य की पुलिस उनकी गतिविधियों पर नजर रख सके। – बबलू कुमार, एसएसपी
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