संभल: आर्थिक तंगी से परेशान महिला ने जहर खाकर दी जान
असमोली, अमृत विचार। आर्थिक तंगी से परेशान एक महिला ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मां को तड़पता देखकर बड़े बेटे ने पड़ोसियों को जानकारी दी। बेटे ने बताया कि उसकी मां के पेट में दर्द हो रहा है, जिसके बाद पड़ोसियों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार की सुबह इलाज के दौरान …
असमोली, अमृत विचार। आर्थिक तंगी से परेशान एक महिला ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मां को तड़पता देखकर बड़े बेटे ने पड़ोसियों को जानकारी दी। बेटे ने बताया कि उसकी मां के पेट में दर्द हो रहा है, जिसके बाद पड़ोसियों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार की सुबह इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। घटना दूलापुरबंद गांव की है।
महिला के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और शव को कब्जे में ले ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। परिवार वालों ने बताया कि हरथला गांव निवासी दिलदार पुत्र दिलशाद बपचन से विकलांग था। दिलदार दर्जी था। 17 साल पहले दिलदार की शादी दूलापुर बंद उर्फ दारापुरा के अली हसन की बेटी खैरूल निशा से हुई थी।
दोनों के चार बच्चे हुए। दिलदार गांव में ही दर्जी का काम करके परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। कारोनो वायरस की वजह से लगने वाले लाकडाउन में कामकाज की हालत बिगड़ने से दिलदार परेशान रहने लगा और परिवार में आर्थिक संकट रहने लगा। कुछ दिन बाद ही दिलदार कामकाज के सिलसिले से दिल्ली चला गया और वहां एक जींस के कारखाने में सिलाई करने लगा।
काफी दिनों तक दिलदार घर भी नहीं लौटा था। पड़ोसियों ने बताया कि शुक्रवार की शाम को खैरुल निशा ने दिलदार फोन पर बात की तो दोनों में झगड़ा हो गया। कुछ देर बाद ही दिलदार का बड़ा बेटा हमारे घर आया और कहा कि अम्मी के पेट दर्द हो रहा है और मेरी अम्मी तड़प रही है। आप जल्दी चलो। हमने जाकर देखा तो खैरुल का तुरंत संभल के जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। खैरु निशा के मायके वालों ने ससुरालियों पर जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। हालांकि बाद में खैरुल निशा के परिजनों ने कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।
