लखनऊ: सफाईकर्मियों का स्मार्ट फोन ही अब रखेगी इन पर नजर, जानें कैसे?
लखनऊ। ड्यूटी से गायब रहने वाले सफाई कर्मचारियों पर अब उनका स्मार्ट फोन ही नजर रखेगा। नगर निगम से उन्हें मिलने वाला यह स्मार्ट फोन न केवल उनकी हाजिरी दर्ज करेगा, बल्कि क्षेत्र में उनकी मौजूदगी की पूरी लोकेशन कंट्रोल रूम को भेजता रहेगा। राजधानी की सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम के आठों जोनों …
लखनऊ। ड्यूटी से गायब रहने वाले सफाई कर्मचारियों पर अब उनका स्मार्ट फोन ही नजर रखेगा। नगर निगम से उन्हें मिलने वाला यह स्मार्ट फोन न केवल उनकी हाजिरी दर्ज करेगा, बल्कि क्षेत्र में उनकी मौजूदगी की पूरी लोकेशन कंट्रोल रूम को भेजता रहेगा।
राजधानी की सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम के आठों जोनों में कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से लगभग 7000 सफाई कर्मचारी और लगभग 3000 नियमित सफाई कर्मचारी हैं।
नगर निगम कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से आठों जोनों में तैनात 7000 सफाई कर्मियों को स्मार्ट फोन देने की तैयारी कर रहा है। इन स्मार्ट फोन से सफाई कर्मियों पर निगरानी रखी जाएगी और इनकी हाजिरी भी स्मार्ट फोन से लगेगी। अभी जोन चार और जोन आठ में प्रयोग के तौर पर यह व्यवस्था शुरू की गयी है। सफाई कर्मियों को इस माह का वेतन स्मार्ट फोन से उपस्थिति के आधार पर दिया जाएगा। धीरे-धीरे सभी जोनों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी।
ऐसे काम करेगा स्मार्ट फोन
सफाई कर्मियों के स्मार्ट फोन नगर निगम के कंट्रोल रूम से कनेक्ट रहेंगे। स्मार्ट फोन में सफाई कर्मियों के तैनाती क्षेत्र तय कर दिए गए हैं। जैसे ही सफाई कर्मचारी स्मार्ट फोन लेकर अपने क्षेत्र में पहुंचेगा उसकी हाजिरी लग जाएगी। हाजिरी का समय होने पर फोन में बेल बजेगी। 5 मिनट लेट होने पर एलार्म बजेगा। यदि कर्मचारी ज्यादा लेट हो रहा है तो उसका कारण अपने संबंधित अधिकारी को बता सकता है। उसकी आवाज कंट्रोल रूम पहुंच जाएगी। कंट्रोल रूम में सफाई कर्मचारी की लोकेशन ट्रैक होती रहेगी। स्मार्ट फोन से अधिकारी क्षेत्र में सफाई से संबंधित शिकायतें संबंधित क्षेत्र के सफाई कर्मियों को तुरंत उपलब्ध करा देंगे।
स्मार्ट वॉच भी नहीं आयी काम
सफाई कर्मियों पर निगरानी के लिए इससे पहले भी नगर निगम ने एक कंपनी से किराए पर स्मार्ट वाच ली थीं। उन्हें कर्मचारियों को दिया गया लेकिन कुछ दिनों में ही कर्मचारियों ने स्मार्ट वॉच उतारकर रख दीं। जिससे नगर निगम की उम्मीदों पर पानी फिर गया और बेवजह लाखों रुपये किराया भी देना पड़ा।
सफाई कर्मियों को स्मार्ट फोने दिए जा रहे हैं। प्रयोग के तौर पर जोन आठ और जोन चार के सफाई कर्मियों के लिए यह व्यवस्था शुरू की गयी थी जो सफल रही है। इस व्यवस्था से सफाई कार्यों में फर्जीवाड़ा भी रुकेगा और नगर निगम का पैसा भी बचेगा… संयुक्ता भाटिया, महापौर, लखनऊ नगर निगम
