लखीमपुर खीरी: पहले चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने में खेल, अब खुलासा करने में पुलिस हो रही फेल
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। हाईटेक पुलिसिंग का तमगा ले चुकी सदर कोतवाली पुलिस शहर में दस दिन भीतर हुई तीन बड़ी चोरियों का खुलासा अभी तक नही कर सकी है। न ही उसे अभी तक कोई भी ठोस सबूत हाथ लग सके है। खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच सहित सीओ सिटी की अगुवाई में पुलिस …
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। हाईटेक पुलिसिंग का तमगा ले चुकी सदर कोतवाली पुलिस शहर में दस दिन भीतर हुई तीन बड़ी चोरियों का खुलासा अभी तक नही कर सकी है। न ही उसे अभी तक कोई भी ठोस सबूत हाथ लग सके है। खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच सहित सीओ सिटी की अगुवाई में पुलिस की छह टीमें लगाई गईं है। लेकिन सभी केवल लकीर पीट रही है। आए दिन हो रही चोरियों और उनके खुलासे न होने से पुलिस के ऊपर सवालिया निशान लग रहे हैं।
शहर के पंजाबी कालोनी निवासी युवराज दत्त महाविद्यालय में कार्यरत अंग्रेजी के प्रोफेसर जीएन सिंह के यहां आठ सितंबर की रात चोरी हो गई थी जिसमे चोरों ने तीन लाख की नगदी समेत करीब 80 लाख के गहने चोरी कर लिए थे। घटना को अंजाम तब दिया गया था जब प्रोफेसर अपने परिवार के साथ अपने बेटे से मिलने पानीपत गए हुए थे।
वहीं घटना के तीसरे दिन शहर की वीआइपी कालोनी कही जाने वाली काशीनगर में किराए के मकान में रह रहीं डॉक्टर अंकिता भारती के यहां लेपटॉप गहने और नगदी चोरी हो गई थी। और 17 सितंबर की रात काशीनगर में ही रह रहे दो बैंक कर्मियों रमेश तिवारी और देशराज कनौजिया के वहां ढेड़ लाख की नगदी समेत करीब छह लाख के जेवर चोरी कर लिए गए यह सभी चोरियों दस दिन के भीतर हुई थी एसपी ने खुलासे के लिए सीओ के निर्देशन में पुलिस की छह टीमें लगाई हैं। क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया लेकिन पुलिस अभी किसी नतीजे पर नही पहुची है।
चोरी की रिपोर्ट लिखने में पुलिस करती है खेल
बड़ी चोरियों में पुलिस अक्सर खेल कर जाती है। छह लाख से अधिक की चोरियों को पुलिस एसआर में नही लाती क्योंकि इनकी मॉनिटरिंग डीजीपी और शासन स्तर से होती है। ग्रह स्वामी से पुलिस हल्की तहरीर लेकर धारा 379/ 114 में रिपोर्ट दर्ज कर लेती है। और ग्रह स्वामी से बाद में चोरी हुए सामान और नगदी की का आकलन कर रिपोर्ट देने को कहती है। इस लिए ऐसी चोरियों को जिले स्तर पर ही जांच कर निपटाने का प्रयास किया जाता है।
11 बजे के बाद शहर में नही होती है पुलिस गश्त
शहर में आए दिन हो रही चोरियों का एक कारण रात में गश्त न होना भी है। रात दस बजे तक तो आपको पुलिस सड़क पर दिखाई देगी लेकिन 11 बजे के बाद कोई पुलिस कर्मी सड़क पर नही दिखाई देगा। जबकि पुलिस मुखिया शहर में गश्त बढ़ाने की बात कहते हैं। लेकिन तीन बड़ी चोरियां हो जाने के बाद भी सदर कोतवाली पुलिस चेतने को तैयार नही है।
एक माह के भीतर शहर में हुई चोरियां
- 8 सितंबर को शहर के पंजाबी कालोनी में प्रोफेसर के यहां 80 लाख की चोरी
- 10 सितंबर को शहर के काशीनगर में डॉक्टर के घर से एक लाख से ज्यादा की चोरी
- 17 सितंबर को काशीनगर में दो बैंक कर्मियों के वहां ढेड़ लाख की नगदी समेत करीब 6 लाख की चोरी
- 22 अगस्त को महेवागंज में गणेश ज्वैलर्स में लाखों के गहने चोरी
- 15 अगस्त को महेवागंज के उस्मानी डिग्री कालेज के पीछे पंकज कुमार के घर गहने समेत लाखों की चोरी
- 27 अगस्त को महेवागंज में कारखाने में लाखों की चोरी
- 5 सितंबर को खंभारखेड़ा निवासी सतनाम सिंह के यहां 50 हजार की नगदी समेत लाखों के जेवर चोरी
- 5 सितंबर को ही लोनियनपुरवा में सियाराम के घर पांच हजार की नगदी समेत लाखों के गहने चोरी
- 3 सितंबर को महेवागंज में नौ दुकानों में लाखों की चोरी
- 6 सितंबर को खंभारखेड़ा मिल के सामने बियर की दुकान में करीब एक लाख की चोरी
- 6 सितंबर को ही महेवागंज के मुस्लिम नगर में इरफान के घर दस हजार की नगदी सहित लाखों के गहने चोरी
चोरियों के खुलासे के लिए दबिश दी जा रही है। कुछ अहम सुराग हाथ लगें हैं। जल्द ही सफलता मिलेगी। -अरविंद वर्मा सीओ सिटी
