रामपुर: नशीली दवाओं की बरामदगी में फंसा कानूनी पेंच, पुलिस को मिली रिमांड
रामपुर, अमृत विचार। नशीली दवाओं की बरामदी में दो दिन के बाद आखिकार पुलिस को रिमांड मिल गया। रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। वाह-वाही लूटने के फेर में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में त्रुटि कर दी थी। इस नशीली दवा बरामदगी और 11 आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान …
रामपुर, अमृत विचार। नशीली दवाओं की बरामदी में दो दिन के बाद आखिकार पुलिस को रिमांड मिल गया। रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है। वाह-वाही लूटने के फेर में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में त्रुटि कर दी थी। इस नशीली दवा बरामदगी और 11 आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान कार्रवाई करने में कानूनी तौर पर पुलिस को औषधि निरीक्षक को भी साथ रखना चाहिए था। अब रिमांड मिलने के बाद पुलिस अन्य क्लू तलाशने में जुटी है।
बता दें कि 19 सितंबर को क्षेत्राधिकारी केमरी अनुज कुमार चौधरी के नेतृत्व में एसओजी व थाना शहजादनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम दुर्गनगला फाटक के पास एक मोटर साइकिल सवार को रुकने का इशारा किया था तो वह पीछे बाइक मोड़कर भागने लगा था। पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग करते हुए सोनू कश्यप को गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसके कब्जे से बाइक पर 5 पेटी नशीली दवाएं, 2 पेटियों में कोडीडस सीरप, एक पेटी में एल्प्राजोलम टैबलेट, दो पेटियों में स्पास्मोप्रोक्सीवोन कैप्सूल बरामद हुईं थीं।
आरोपी ने अपने बयानों में बताया कि नशीली दवाओं की पेटियां ग्राम दुर्गनगला से नेशनल हाईवे को जाने वाली सड़क के किनारे खंडहर बिल्डिंग से वहां मौजूद लोगों से अभी थोड़ी देर पहले लेकर बिलासपुर जा रहा था। पुलिस तुरंत उसे लेकर खंडहरनुमा बिल्डिंग के अन्दर पहुंची तो मौजूद व्यक्तियों व गाड़ियों को आवश्यक बल प्रयोग करते हुए 10 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया था।
इस कांड के मास्टरमाइड सतीश गुप्ता ने पुलिस को बताया कि यह नशीली दवाएं चोरी छिपे बसों से आगरा से शंशांक मेडिकल एजेंसी फव्वारा चौक कोतवाली शहर के सामने से मंगाते थे।पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मौके पर बरामद माल की फर्द बनाई गई। बरामद माल और आरोपियों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। रिमांड मजिस्ट्रेट ने आरोपियों का रिमांड दो दिन का स्वीकार करते हुए अपने आदेश में लिखा कि पुलिस ने बरामद माल कोर्ट में पेश नहीं किया है, इसके बाद 20 सितंबर को पुलिस एनडीपीएस कोर्ट में रिमांड लेने पहुंची।
लेकिन पीठासीन अधिकारी अवकाश पर थे उसके बाद उनके लिंक अफसर के यहां पुलिस ने रिमांड लेने की अर्जी दी, लेकिन उनके द्वारा यह कहते हुए रिमांड मंजूर नहीं किया,क्योंकि कोर्ट को रिमांड लेने का क्षेत्राधिकार नहीं है, जिस पर अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए, और पुलिस अधिकारियों और विवेचक द्वारा काफी मान मनोव्वल किया गया। तब जाकर कहीं मंगलवार को रिमांड मिल सका। अब इस मुकदमे की सुनवाई दो कोर्ट करेंगी।
शक के घेरे में आया पुलिस का खुलासा
शहजादनगर और एसओजी की टीम ने अधिकारियों के सामने अपने नबंर बढ़ाने के चक्कर में पांच करोड़ की नशीली दवाओं के सौदागर को पकड़ने बाद जेल भेज दिया। लेकिन यह खुलासा पुलिस के लिए गले की हड्डी बन गई है। कानूनी खामियों से आरोपियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसको लेकर पुलिस भी अंदर खाने अपने कानूनविदों से सलाह ले रही है। कुल मिलाकर पुलिस का खुलासा शक के घेरे में है।
बरामद दवाओं के समय नहीं बुलाया औषधि निरीक्षक को
सूत्रों की माने तो पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक बाइक सवार को पकड़ लिया था। उसके पास से पांच पेटी दवा की पकड़ी थीं उसकी निशानदेही पर पुलिस ने पांच करोड़ की नशीली दवाएं पकड़ ली थीं। लेकिन गिरफ़्तारी के समय औषधि निरीक्षक को नहीं बुलाया गया था। जबकि कानून औषधि निरीक्षक ही दवाओं के सैंपल लेकर उनको प्रयोशाला भेजते और फिर अपनी राय भी देते हैं। लेकिन पुलिस द्वारा ऐसा नहीं किया गया। जिसके बाद पुलिस को अदालत में फजीहत उठानी पड़ी।
पकड़ी गई नशीली दवाओं को बेचने के लिए मेडिकल स्टोर संचालक बिना डाक्टर के पर्चे के किसी को नहीं बेच सकते। यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक बिना डाक्टर के पर्चे के दवा बेचते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। -उर्मिला वर्मा, औषधि निरीक्षक
