बरेली: आत्महत्या के लिए उकसाने वाले जेठ को 10 वर्ष कैद
विधि संवाददाता, अमृत विचार, बरेली। दहेज में दो लाख रूपये की मांग को लेकर विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले इज्जतनगर के बसंत विहार कालोनी निवासी जेठ मनोज कुमार गंगवार को सत्र परीक्षण में दोषी पाते हुए जिला जज रेणु अग्रवाल ने 10 वर्ष कैद व 12 हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। डीजीसी …
विधि संवाददाता, अमृत विचार, बरेली। दहेज में दो लाख रूपये की मांग को लेकर विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले इज्जतनगर के बसंत विहार कालोनी निवासी जेठ मनोज कुमार गंगवार को सत्र परीक्षण में दोषी पाते हुए जिला जज रेणु अग्रवाल ने 10 वर्ष कैद व 12 हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। डीजीसी क्राइम सुनीति कुमार पाठक ने बताया कि मृतका के पिता ने थाना इज्जतनगर में तहरीर देकर बताया था कि उसने अपनी बेटी की शादी 27 अप्रैल 2013 को बसंत विहार निवासी महेन्द्रपाल से की थी।
अपनी हैसियत के अनुसार साढ़े चार लाख रूपये भी शादी मे खर्च किये थे। मगर ससुरालीजन आए दिन बेटी को कम दहेज लाने के ताने देकर उत्पीड़न किया करते थे। 21 अक्टूबर 2015 को ससुरालीजनों ने बेटी को आग लगा दी इलाज के दौरान उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। तहरीर पर पुलिस ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
विवेचना के बाद पुलिस ने ससुर व जेठ के विरूद्व आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में आरोप पत्र कोर्ट भेजा था। मुकदमे के दौरान जेठ विजय शरण की मौत हो जाने से उसके विरूद्व मुकदमे की कार्रवाही उपशमित कर दी गयी थी।
पीड़िता ने मृत्यु पूर्व विवेचक को दिये बयान में कहा था कि मेरे पति बहुत सीधे हैं। किताबों की दुकान घर पर चलाते थे। मेरे ससुर व जेठ मुझे बहुत परेशान किया करते थे। बहुत अत्याचार करते थे। कहते थे कि तुम्हारे पास क्या है। दहेज को लेकर ताने दिया करते थे। ससुर व जेठ ने मुझे झाडू से मारने की कोशिश की तब मैंने तेल डालकर आग लगा ली। सत्र परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह कोर्ट के समक्ष पेश कराये गये थे।
