अयोध्या: चरागाह की जमीन का कर दिया आवंटन, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
अयोध्या। विकास खंड पूराबाजार की ग्रामसभा सरेठी में जिला प्रशासन द्वारा चारागाह की वेशकीमती जमीन को एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण में विस्थापित किसानों को आवंटित करने से बखेड़ा खड़ा हो गया। ग्राम प्रधान व भूमि प्रबंधक समिति को बगैर सूचित किए जिला प्रशासन द्वारा किए गए आवंटन को अनुचित बताते हुए ग्राम प्रधान के …
अयोध्या। विकास खंड पूराबाजार की ग्रामसभा सरेठी में जिला प्रशासन द्वारा चारागाह की वेशकीमती जमीन को एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण में विस्थापित किसानों को आवंटित करने से बखेड़ा खड़ा हो गया। ग्राम प्रधान व भूमि प्रबंधक समिति को बगैर सूचित किए जिला प्रशासन द्वारा किए गए आवंटन को अनुचित बताते हुए ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शुक्रवार को पंचायत भवन पर धरना-प्रदर्शन करते हुए आवंटन निरस्त करने अथवा भूमि की मालियत के अनुसार प्रतिकर की धनराशि ग्रामसभा को देने की मांग उठाई।
श्रीराम एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जमीनों का अधिग्रहण लंबे समय से किया जा रहा है। इन किसानों को आसपास की गांव सभाओं में सरकारी जमीनों में बसाया जा रहा है। इसी कड़ी में धर्मपुर शहादत गांव के कुछ किसानों को बसाने के लिए प्रशासन ने गांव सभा सरेठी की चरागाह की जमीन पर किसानों को बसाना चाहा तो बवाल शुरू हो गया। गुरुवार को तहसीलदार व अन्य राजस्वकर्मी दलबल के साथ पहुंचे तो विरोध के चलते वापस आना पड़ा। शुक्रवार को इसी मामले को लेकर पंचायत भवन सरेठी पर एकत्र हुए ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान की अगुवाई में धरना-प्रदर्शन करके विरोध जताया।
बाद में जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी आदि को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में ग्राम प्रधान रक्षाराम यादव ने कहा कि प्रशासन ने ग्राम प्रधान व भूमि प्रबंधक समिति की स्वीकृति लिए बिना ही आवंटन कर दिया, जो कि अशोभनीय है। जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था के तहत भूमि प्रबंधक समिति को गांवसभा की जमीन के रखरखाव के लिये अधिकृत किया गया है। बताया कि गांवसभा के पास सीमित जमीन ही उपलब्ध है और जो जमीन प्रशासन द्वारा हथियाने का प्रयास किया जा रहा है, वह पशुचर के रूप में अंकित है।
इस भूमि को बिना गांवसभा की स्वीकृति के बिना हथियाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने न्यायालयों की तमाम गाइडलाइन का उदाहरण देते हुए आवंटन न करने की मांग किया। साथ ही आवंटन करने की दशा में भूमि के मालियत के बराबर धनराशि ग्रामसभा को दिलाने की मांग किया।
