बरेली: घर बैठे आधार कार्ड बनवाने की सुविधा धड़ाम, लोग परेशान
बरेली, अमृत विचार। केंद्र व प्रदेश सरकार की कोई भी योजना हो या फिर संपत्ति की खरीद फरोख्त से जुड़ा मामला। आधार कार्ड की अनिवार्यता बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ, डाक विभाग भी घर बैठे आधार अपेडट समेत कई तरह की सुविधाएं देने की बात कह रहा है, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट …
बरेली, अमृत विचार। केंद्र व प्रदेश सरकार की कोई भी योजना हो या फिर संपत्ति की खरीद फरोख्त से जुड़ा मामला। आधार कार्ड की अनिवार्यता बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ, डाक विभाग भी घर बैठे आधार अपेडट समेत कई तरह की सुविधाएं देने की बात कह रहा है, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट है। प्रधान डाकघर पर आधार बनवाने के लिए सुबह से ही लंबी लाइनें लग रही हैं। दूरदराज से आए लोग आधार कार्ड न बनने से मायूस होकर वापस लौट रहे हैं। इससे जहां लोगों को निराशा हाथ लगती है।
शुक्रवार दोपहर को सिविल लाइंस स्थित प्रधान डाकघर में नए आधार कार्ड बनवाने के अलावा इसमें संशोधन कराने वालों की लंबी भीड़ लगी थी। इसमें कई लोग ऐसे भी मिले जो एक सप्ताह में दो से तीन बार आधार कार्ड बनवाने के लिए डाकघर के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन अभी तक उनका आधार कार्ड नहीं बन पाया है। इसके अलावा कई ऐसी भी मिले जिनको हर बार दस्तावेज में कोई न कोई नई खामियां बताकर लौटा दिया गया।
नवादा शेखान के प्रवीन कुमार ने बताया कि वह तीसरी बार आए हैं। लाइन लगने के बाद भी आधार कार्ड में पता परिवर्तित नहीं हो सका। आजाद नगर निवासी संजू यादव ने बताया कि एक सप्ताह में उनको तीसरी बार आना पड़ा है। हर बार दस्तावेजों में कोई न कोई खामियां दर्शाकर आधार बनाने से इंकार कर देते हैं। राजेंद्र नगर की पुष्पा ने बताया कि शादी के बाद आधार कार्ड में ससुराल का पता दर्ज कराना है। दूसरी बार इस काम के लिए पहुंचे, लेकिन दो घंटा लाइन में लगने के बाद कोई गारंटी नहीं की काम हो जाएगा।
इधर, प्रवर अधीक्षक पीके सिंह ने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में आधार संसोधन के लिए डाकिये घर-घर संपर्क कर रहे हैं। इसके अलावा बच्चों के आधार कार्ड भी घर पर बनाए जाने की योजना है। बहुत से लोग इस जानकारी के आभाव में डाकखाना आकर परेशान हो रहे हैं। आधार में संशोधन का कार्य तो घर बैठे भी हो सकता है।
