अयोध्या: अतिक्रमण के कारण दिन में सिकुड़ जाती हैं सड़कें, पुलिस भी करती है अनदेखी
अयोध्या। विश्व के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना चुका श्री राम धाम अयोध्या अब भी कई परेशानियों से जूझ रहा है, जिसमें जुड़वा नगर अयोध्या-फैजाबाद में प्रमुख मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण होने वाली जाम की समस्या प्रमुख रूप से शामिल है। अतिक्रमण के कारण महानगर की खूबसूरती पर तो बट्टा लग ही …
अयोध्या। विश्व के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना चुका श्री राम धाम अयोध्या अब भी कई परेशानियों से जूझ रहा है, जिसमें जुड़वा नगर अयोध्या-फैजाबाद में प्रमुख मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण होने वाली जाम की समस्या प्रमुख रूप से शामिल है। अतिक्रमण के कारण महानगर की खूबसूरती पर तो बट्टा लग ही रहा है, साथ ही यहां की सड़कें भी सिकुड़ती जा रही हैं।
शहर के प्रमुख बाजारों में तो सबसे बुरा हाल है। यहां सड़कों पर दुकानदारों द्वारा अपना सामान रख दिया जाता है, जिस कारण छोटे वाहनों के साथ चार पहिया वाहनों का भी निकलना मुश्किल हो जाता है। यही नहीं सड़क किनारे ठेले वाले अपना सामान बेचने के चक्कर में जाम को लगातार न्योता देते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत तो पार्किंग को लेकर है।
इसके लिए यहां बने बड़े बड़े काम्प्लेक्स सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। क्योंकि उन्होंने अपने बेसमेंट में पार्किंग साइट बनाने की जगह दुकानें खोल ली हैं, जिससे यहां आने वाले लोग बाहर सड़कों पर ही वाहन खड़ा कर देते हैं और जाम की स्थिति बन जाती है।
मुख्य बाजारों के दुकानदार अपनी दुकान के सामने पटरियों पर भी दुकान लगवाते हैं। आरोप है कि वह इसकी एवज में पैसे लेते हैं। पुलिस पर भी लगातार आरोप लग रहे हैं कि वह भी इस गोरखधंधे में संलिप्त है और मंथली उनसे वसूली की जाती है। कभी कदार प्रशासन अगर सड़कों से ठेले व अतिक्रमण हटवाता है तो अतिक्रमणकारी और व्यापारी सत्तारूढ़ दलों के नेता व विधायक के पास पहुँच जाते हैं, जिससे उनपर होने वाली कार्रवाई रुक जाती है और उनके हौसले बुलंद हो जाते हैं। गौरतलब है कि प्रभु श्री राम के मंदिर निर्माण शुरू होते ही यहाँ पर्यटकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अगर जाम की ऐसी ही स्थिति रही तो प्रशासन की किरकिरी तो होगी ही साथ ही अयोध्या को लेकर किये जाने वाले तमाम दावों पर भी उंगली उठाने लगेगी।
इन रास्तों पर गए तो फंसे
- घंटाघर, चौक
- रिकाबगंज-नियावां मार्ग
- फतेहगंज
- मकबरा
- नाका
- मोदहा
- महिला जिला चिकित्सालय
इन्हें होती है अधिक परेशानी
सड़कों पर जाम लगने से सबसे ज्यादा परेशानी उन बच्चों को होती है जो छुट्टी के बाद घर निकलने की जद्दोजहद में घंटों फसे रहते हैं। यही नहीं इन जगहों पर अगर एम्बुलेंस में कोई मरीज फस जाए तो निकलने में बहुत परेशानी होती है। मुख्य बाजारों में खरीदारी करने आये लोग भी जाम का शिकार होते हैं। इन मार्गों पर चींटियों की चाल से चल रहे वाहनों के बीच से सड़क पर करना मुश्किल हो जाता है।
