अयोध्या: महाराणा प्रताप की प्रतिमा को ठौर नहीं दे पा रहा नगर निगम, जानें वजह?

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अयोध्या। वीरों की भूमि राजस्थान में जन्मे महान हिन्दू राजा महाराणा प्रताप की प्रतिमा आस्था की नगरी अयोध्या में धूप और धूल खा रही है। इसे विडंबना ही कहेंगे की इतिहास में वीरता, शौर्य, त्याग, पराक्रम और दृढ प्रण के लिए पहचाने जाने वाले महाराणा प्रताप की प्रतिमा को वर्तमान में नगर निगम कहीं ठौर नहीं …

अयोध्या। वीरों की भूमि राजस्थान में जन्मे महान हिन्दू राजा महाराणा प्रताप की प्रतिमा आस्था की नगरी अयोध्या में धूप और धूल खा रही है। इसे विडंबना ही कहेंगे की इतिहास में वीरता, शौर्य, त्याग, पराक्रम और दृढ प्रण के लिए पहचाने जाने वाले महाराणा प्रताप की प्रतिमा को वर्तमान में नगर निगम कहीं ठौर नहीं दे पा रहा है। उनकी जयंती पर उनके आदर्शों का हवाला देकर जनता को साधने वाले नेता व अधिकारीगण भी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।

अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद के प्रस्ताव पर लगभग दो वर्ष पूर्व नगर निगम की बोर्ड बैठक में सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था कि राष्ट्र गौरव महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा नगर निगम की सीमा में स्थापित की जाएगी। इसी क्रम में लगभग 16 विभागों से एनओसी भी मिल गई थी। इसके बाद समाज के सभी वर्गों का सहयोग लेकर 16.50 लाख रुपये से साढ़े 12 फुट की 15 क्विंटल वजनी अष्टधातु की प्रतिमा जयपुर से बनवाई गई थी।

राजसमन्द सांसद की सांसद राजकुमारी दिया व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा को अयोध्या के लिए रवाना की थी। लेकिन नगर निगम प्रशासन द्वारा समुचित स्थान ना दिए जाने के कारण प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी। अयोध्या-लखनऊ हाईवे स्थित त्रिमूर्ति होटल के पास रखी गई महाराणा प्रताप की प्रतिमा पिछले 3 माह से सरकारी अनुमति की राह जोह रही है। इस संबंध में जब अपर नगर आयुक्त सच्चिदानंद सिंह से बात की गई तो वह कोई जवाब नहीं दे पाए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को दो स्थानों का दिया गया सुझाव

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनकी प्रतिमा का अनावरण करने आये भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा गया था। इस दौरान अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद ने रिकाबगंज सेंट्रल बैंक के सामने और अयोध्या बाईपास से नया घाट जाने वाले रास्ते पर बंधा तिराहे के पास प्रतिमा स्थापित करने का सुझाव दिया और तत्काल अनुमति दिलाने की मांग की गई थी।

राष्ट्र के गौरव महाराणा प्रताप की प्रतिमा को लगभग 500 स्क्वायर फीट का स्थान ना देने के कारण नगर निगम के लचर रवैए से आश्चर्यचकित हूं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव को ज्ञापन देकर सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। अगर राष्ट्र के महानायक का इस प्रकार से अनादर होगा तो भविष्य में आंदोलन भी किया जाएगा…चंदन सिंह, पार्षद प्रतिनिधि, बड़ी देवकाली।

संबंधित समाचार