मुरादाबाद: साइबर ठगों का नया फंडा, मोबाइल से सिम निकाल कर खाली कर रहे अकाउंट
मुरादाबाद, अमृत विचार। साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को चूना लगा रहे हैं। ओटीपी पूछकर खाते से रकम निकालने का तरीका अब पुराना हो गया है। लोग अब किसी को ओटीपी नहीं बताते हैं। ऐसे में इन ठगों ने रिश्तेदार बनकर भी लोगों को चूना लगाया। कुछ को एनी डेस्क एप्लीकेशन के जरिए भी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को चूना लगा रहे हैं। ओटीपी पूछकर खाते से रकम निकालने का तरीका अब पुराना हो गया है। लोग अब किसी को ओटीपी नहीं बताते हैं। ऐसे में इन ठगों ने रिश्तेदार बनकर भी लोगों को चूना लगाया। कुछ को एनी डेस्क एप्लीकेशन के जरिए भी ठगा गया। उसके बाद अब इन ठगों ने एक और तरीका अपना लिया है।
हाल की घटनाओं में इन लोगों ने परीक्षा केंद्रों के बाहर से मोबाइल चुराकर सिम निकाला। उसे अपने मोबाइल में लगाकर लोगों के खाते से उनकी रकम उड़ा ली। ऐसे दो मामले महानगर में प्रकाश में आए हैं। एसएसपी ने दोनों मामलों की जांच साइबर सेल को सौंपी है। महानगर में 19 सितंबर को लोक सेवा आयोग की परीक्षा का आयोजन किया गया था। 67 केंद्रों पर हुई इस परीक्षा में 31552 परीक्षार्थियों ने भाग लिया था। इस दौरान सभी परीक्षार्थियों के मोबाइल फोन बाहर ही जमा कर लिए गए थे।
परीक्षा अवधि में दो परीक्षार्थियों के मोबाइल फोन में साइबर ठगों ने छेड़छाड़ कर डाली। उनके सिम निकाल कर अपने मोबाइल में लगा दिए और पेटीएम डाउनलोड कर उनके खाते में पड़ी सारी रकम ट्रांसफर कर ली। इसके बाद सिम फिर से उनके मोबाइल में लगा दिए गए। छात्रों को रकम निकलाने की जानकारी तब हुई जब उन्होंने अपना अकाउंट चेक किया। इसके बाद दोनों पीड़ितों ने सोमवार को एसएसपी से मामले की शिकायत की। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल को तत्काल जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया है।
केस-एक
जनपद बिजनौर के नगीना निवासी अश्विनी कुमार की 19 सितंबर को लोक सेवा आयोग की परीक्षा थी। उसका सेंटर महानगर के हिंदू कॉलेज में था। परीक्षा केंद्र पर उसका मोबाइल फोन जमा करा लिया गया था। इसके बाद वह परीक्षा देने चला गया। वापस आया और अपना मोबाइल लेकर घर चला गया। कई दिन बाद उसने अपना बैंक खाता देखा तो सन्न रह गया। उसके खाते में मौजूद 23 हजार 213 रुपये गायब थे। बैंक जाकर पता किया तो जानकारी हुई कि रकम पेटीएम से निकाली गई है। सोमवार को उसने मामले की शिकायत एसएसपी से की।
केस-दो
दूसरी घटना रामपुर जनपद के बिलासपुर निवासी दीप्ति जुनेजा के साथ हुई। उसने भी 19 सितंबर को महानगर के महाराजा अग्रसेन कॉलेज में परीक्षा दी थी। उसका मोबाइल फोन भी बाहर ही जमा करा लिया गया था। दीप्ति के खाते से भी 13 हजार 162 रुपये निकाल लिए गए। दीप्ति ने बताया कि उसके भाई का रिचार्ज खत्म हो गया था। उसने रिचार्ज करने का प्रयास किया तो खाते में एक रुपया भी नहीं था। यह देख वह सन्न रह गई। बैंक में गई तो पेटीएम से रकम निकालने की जानकारी दी गई। दीप्ति भी सोमवार को एसएसपी आफिस पहुंची और शिकायती पत्र दिया।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
साइबर एक्सपर्ट मनीष गोयल ने बताया कि साइबर ठग सिम अपने मोबाइल में लगाकर दूसरे मोबाइल पर कॉल कर उसका नंबर पता कर लेते हैं। इसके बाद उसी नंबर से पीटीएम या अन्य कोई भी एप्लीकेशन लोड कर लेते हैं। इसके लिए वह नया पिन कोड बनाते हैं। एक बार पेटीएम लोड होने के बाद आपके बैंक अकाउंट की पूरी डिटेल उनके सामने होती है। इसके बाद आपका सारा रिकॉर्ड उनके सामने होता है। वह व्हाट्सएप पर जिसे चाहे जैसे मैसेज भेज सकते हैं। फोटो और वीडियो का भी गलत प्रयोग कर सकते हैं।
ऐसे करें बचाव
साइबर एक्सपर्ट ने बताया कि जब भी कहीं मोबाइल जमा करें, उसे एक बार ही प्रयोग होने वाली पॉलीथिन में पैक करें। इससे आपका मोबाइल पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। कोई उसमें से सिम नहीं निकाल पाएगा। आज के दौर में हर व्यक्ति अपने फोन में अपनी जिंदगी से जुड़ी हर अच्छी बुरी चीजें रखता है। इसलिए इसकी सुरक्षा बेहद जरूरी है। मोबाइल जमा करने वालों को इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए।
