लखनऊ: प्राधिकरण ने पकड़ी 13 प्लाटों की फर्जी रजिस्ट्रियां, धांधली का आरोपी निलंबित
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण में भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्रियों का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से एक बार फिर 13 भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। जिसमें प्राधिकरण ने आरोपी लिपिक को निलंबित कर दिया है। साथ ही इस मामले में गोमतीनगर थाने में मुकदमा भी …
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण में भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्रियों का मामला थमता नजर नहीं आ रहा है। विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से एक बार फिर 13 भूखंडों की फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। जिसमें प्राधिकरण ने आरोपी लिपिक को निलंबित कर दिया है। साथ ही इस मामले में गोमतीनगर थाने में मुकदमा भी दर्ज करा दिया है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि विनम्र खंड में पीर मोहम्मद, अवधेश कुमार, उमाशंकर, रवींद्र कुमार, इशरत जहां, वास्तु खंड में मो. शकील, विकल्प खंड में अनीता और मीना, विराज खंड में राजनाथ मिश्रा, राजेश पाठक, विभूति खंड में नीरज सिंह, रामऔतार पाल और राजनाथ मिश्रा के नाम इसी साल इन प्लाटों की रजिस्ट्रियां हुई थी। जुलाई माह से लेकर सितंबर तक अलग-अलग तारीख में यह रजिस्ट्रियां हुई हैं। जिसमें अधिकारियों व कर्मचारियों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर इस धांधली को अंजाम दिया गया है।
रजिस्ट्री सेल से हुए इस गोलमाल का जिम्मेदार प्राथमिक तौर पर सेल में तैनात कनिष्ठ लिपिक पवन कुमार को पाया गया। जिसे तत्काल प्रभाव से उपाध्यक्ष ने निलंबित कर दिया। साथ ही इन संपत्तियों के पुनर्विक्रय पर रोक लगा दी। इसके लिए रजिस्ट्री कार्यालय को भी पत्र भेजा गया है। प्राधिकरण ने इस मामले में गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
