पीलीभीत: दोबारा नीलामी और किराया बढ़ोत्तरी को क्यों नहीं उठाए कदम? डीएम ने मांगा जवाब
पीलीभीत, अमृत विचार। नगर पालिका की बेशकीमती 50 करोड़ से अधिक कीमत की जमीन और भवन दो रुपये सालाना किराए पर देने के मामले में अधिकारियों और बड़े पदों पर आसीन रहे जिम्मेदारों की मुश्किलें बढ़ना तय है। मामला उजागर होने के बाद डीएम पुलकित खरे ने इसे गंभीरता से लिया है। मेस्टर्न लाइब्रेरी की …
पीलीभीत, अमृत विचार। नगर पालिका की बेशकीमती 50 करोड़ से अधिक कीमत की जमीन और भवन दो रुपये सालाना किराए पर देने के मामले में अधिकारियों और बड़े पदों पर आसीन रहे जिम्मेदारों की मुश्किलें बढ़ना तय है। मामला उजागर होने के बाद डीएम पुलकित खरे ने इसे गंभीरता से लिया है। मेस्टर्न लाइब्रेरी की तय समय सीमा समाप्त होने के बाद दोबारा नीलामी न कराने और किराया बढ़ोतरी न करने पर जवाब मांगा है। डीएम की ओर से नगर पालिका ईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद हड़कंप मचा है।
नगर पालिका कार्यालय के सामने स्थित दो एकड़ जमीन और भवन को वर्ष 1932 में मेस्टन लाइब्रेरी को दो रुपये साल किराये पर तीस साल के दिया गया था। जिसकी समय सीमा वर्ष 1962 में समाप्त हो गई, लेकिन नगर पालिका के अफसर के साठगांठ के चलते मेस्टर्न लाइब्रेरी को किराए पर दी गई जगह को एक ट्रस्ट बनाकर वर्ष 2005 में मेस्टन पब्लिक स्कूल को दे दी गई थी।
अफसरों ने समय सीमा समाप्त होने के बाद भी नगर पालिका के अफसरों ने न तो उसकी दोबारा से नीलामी की और न ही उसका किराया बढ़ाया गया। सिर्फ 2018 में तत्कालीन ईओ के द्वारा नोटिस दिया गया। इसके बाद कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इस खेल का खुलासा अमृत विचार अखबार ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर किया था। डीएम पुलकित खरे ने संज्ञान लिया और ईओ नगरपालिका से अभिलेख तलब किए थे।
अभिलेख देखने के बाद डीएम ने कारण बताओ नोटिस भेजा। ईओ से पूछा गया है कि संबंधित अभिलेखों में इस जगह को नगर पालिका का दर्शाया है। अगर जगह नगर पालिका की थी, फिर उसकी समय सीमा समाप्त होने के बाद दोबारा से नीलामी क्यों नहीं कराई गई। न ही उसका किराया बढ़ाने पर ध्यान दिया। ऐसा क्यों हुआ, इस पर कारण बताओ नोटिस देकर ईओ से जवाब मांगा है। इसके बाद नगर पालिका में हड़कंप मचा है। हर कोई एक दूसरे पर टालने में जुटा है।खुद की गर्दन भी फंसती दिखाई दे रही।
मेस्टन लाइब्रेरी प्रकरण में डीएम की ओर से कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। इसका जवाब तैयार करके जल्द भेजा जाएगा। – सुरेंद्र प्रताप, ईओ नगर पालिका
