बरेली: बिके प्लॉट का बैनामा कराकर हड़पे 26 लाख, तीन साल से ठोकरें खा रही पीड़िता

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने के बावजूद जमीनों की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी कम नहीं हो रही है। एक प्लॉट को दूसरी बार बेचे जाने के मामले आज भी प्रकाश में आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शनिवार को तहसील दिवस पहुंचा। रेलवे में तैनात महिला कर्मचारी को एक प्लॉट दिखा उसकी रजिस्ट्री …

बरेली, अमृत विचार। ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने के बावजूद जमीनों की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी कम नहीं हो रही है। एक प्लॉट को दूसरी बार बेचे जाने के मामले आज भी प्रकाश में आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शनिवार को तहसील दिवस पहुंचा। रेलवे में तैनात महिला कर्मचारी को एक प्लॉट दिखा उसकी रजिस्ट्री कराकर जन कल्याण सहकारी आवास समिति लिमिटेड के पदाधिकारी ने 26 लाख रुपये हड़प लिये। पीड़िता जब प्लॉट पर निर्माण कराने पहुंची तब मालूम हुआ कि इस पर पहले से और कोई काबिज है।

मामला मई, 2018 का होने के बावजूद आज तक पीड़िता को इंसाफ नहीं मिला है। प्लॉट बेचकर रकम हड़पने वाला पीड़िता को धमका रहा है। पीड़िता ने अपर जिलाधिकारी नगर महेंद्र कुमार सिंह के समक्ष शिकायती पत्र देकर जानमाल को खतरा बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ रकम दिलाने की गुहार लगायी है। अपर जिलाधिकारी नगर ने मामले में इंस्पेक्टर इज्जतनगर को जांच कर कार्रवाई करने के बाद आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

रेलवे कॉलोनी निवासी सुनीता देवी ने बताया कि उसके पति अशोक कुमार की मृत्यु हो चुकी है। आश्रित के रूप में उसे उत्तर रेलवे बरेली जंक्शन पर नौकरी मिली है। उसने 309.33 वर्ग मीटर का प्लॉट बिहारमान नगला में जन कल्याण सहकारी आवास समिति लि. के सचिव पंकज कुमार मिश्रा निवासी आशुतोष सिटी से 26 लाख रुपये में खरीदा।

17 अप्रैल 2018 को बैनामा कराया था। पंकज को 1.90 लाख रुपये नकद रजिस्ट्री पूर्व दिए। 17.50 लाख रुपये एक मुश्त चेक से भुगतान किया। शेष रकम भी एनईएफटी, आईएमपीएस के जरिए दी थी। 17.50 लाख की रकम उसने हाउसिंग लोन कराकर दी थी। 17 मई 2018 को जब से वह ठेकेदार लेकर निर्माण कार्य कराने पहुंची, तब प्लॉट नंबर 16 व 17 पर हरीश कन्नौजिया निवासी संजयनगर बैठे मिले। पूछने पर हरीश ने बताया कि इस प्लॉट को हमने बहुत पहले ही खरीद लिया था। इसकी शिकायत पीड़िता ने पंकज से की लेकिन आरोपी टालमटोली करता रहा। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे धमका रहे हैं। पीड़िता ने रकम दिलाने की मांग की है।

खेत के बीच से लेखपाल ने निकलवा दी चकरोड
धौरेरा माफी के 70 वर्षीय रामस्वरूप ने शनिवार को तहसील दिवस में एडीएम सिटी महेंद्र कुमार सिंह के समक्ष शिकायती पत्र देकर कहा कि 164 रकबा, 04680 हेक्टेयर में से 1/3 भाग का मालिक हैं। वह खेती कर गुजर बसर कर रहे हैं। आरोप लगाया कि लेखपाल उसके खेत में चकरोड नापकर चले आए। इससे पूर्व रहे लेखपाल ब्रज किशोर द्वारा चकरोड की नापजोख करायी तब लेखपाल के बताए स्थान पर ही खेत की तारबंदी की थी।

मौजूदा समय में भी तारबंदी है। हाल ही में आए लेखपाल ने विवाद पैदा कर दिया। पीड़ित रामस्वरूप ने कहा कि खेत के बीच से चकरोड निकलने से वह अवसाद में आ गया है। खेत की नाप कराने की मांग उठायी। मामले में राजस्व निरीक्षक को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

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