रायबरेली: लगातार बारिश से हुआ जलभराव, जनजीवन अस्त-व्यस्त

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Edited By Amrit Vichar
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रायबरेली। दक्षिण में भारी बारिश और पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के मैदानी भागों में मौसम बदल गया है। इसी के चलते रायबरेली में पिछले 12 घंटों से मध्यम बारिश से तापमान गिर गया है तो साथ ही धान की फसल को नुकसान हुआ है। जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को दिक्कत का सामना करना …

रायबरेली। दक्षिण में भारी बारिश और पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के मैदानी भागों में मौसम बदल गया है। इसी के चलते रायबरेली में पिछले 12 घंटों से मध्यम बारिश से तापमान गिर गया है तो साथ ही धान की फसल को नुकसान हुआ है। जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है। अब तक 40 एमएम बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान मौसम में बड़ा परिवर्तन नहीं होगा। बारिश की संभावना बनी रहेगी।

अक्टूबर में पिछले तीन दिन से मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ का असर होने से जिले में बारिश हो रही है। कहीं-कहीं जोरदार भी हुई है। जिले में देर रात से बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है। हवा की रफ्तार 20 किमी प्रतिघंटा होने से धान की तैयार फसल को आंशिक नुकसान हुआ है। हवा चलने और बारिश से तापमान गिर गया है। अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री पर पहुंच गया है। इस कारण लोगों ने घरों के कूलर और एसी बंद कर दिए हैं। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश हो रही है। अब मानसून अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।

बारिश से शहर के छोटी घोसियाना, बस्तेपुर, कहारों का अड्डा, सोनिया नगर, निराला नगर, अंबेडकर नगर में कीचड़ और जलभराव से लोगों को परेशान होना पड़ा।

90 हजार हेक्टेयर में लगी है धान की फसल

जिले में 90 हजार हेक्टेयर में धान की फसल लगी हुई है। हवा तेज चलने और बारिश से धान की फसल को आंशिक नुकसान हुआ है। असल में खेत में नमी अधिक हो गई है जिस कारण तना के पीला पड़ने की संभावना है। उप निदेशक कृषि एचएन सिंह ने बताया कि धान को बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है लेकिन जिन खेतों में पानी भर गया उसे निकालने के लिए किसान प्रबंध करें नहीं तो फसल पीली पड़ जाएगी।

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