लखनऊ: फिर किसी हादसे के इंतजार में परिवहन विभाग… जानें वजह
लखनऊ। चिराग तले अंधेरा.. यह कहावत परिवहन विभाग के अधिकारियों पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। आरटीओ ऑफिस के निकट स्थित पी फोर पॉर्किंग और ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो स्टेशन के निकट से डग्गामार बसें यात्रियों को भर कर चल रही है और आरटीओ ऑफिस के चेकिंग दस्ते को इसकी भनक तक नहीं है। त्योहारों का सीजन …
लखनऊ। चिराग तले अंधेरा.. यह कहावत परिवहन विभाग के अधिकारियों पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। आरटीओ ऑफिस के निकट स्थित पी फोर पॉर्किंग और ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो स्टेशन के निकट से डग्गामार बसें यात्रियों को भर कर चल रही है और आरटीओ ऑफिस के चेकिंग दस्ते को इसकी भनक तक नहीं है। त्योहारों का सीजन आते ही डग्गामार बसों का संचालन भी तेजी से हो रहा है। चेकिंग दस्तों की अनदेखी के चलते इन बसों में यात्री जान हथेली पर रख कर सफर को मजबूर हैं। बाराबंकी के पास डग्गामार बसों से हुई दो दुर्घटनाओं के बाद भी परिवहन विभाग नहीं चेत रहा है।
पी फोर पार्किंग स्थल और ट्रांसपोर्ट नगर मेट्रो स्टेशन आरटीओ कार्यालय से मात्र एक किमी के दायरे में है। यहां से सिर्फ प्रदेश भर के लिए नहीं बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी बसों का संचालन होता है। दिन में राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और बिहार जाने वाली बसें यहां यात्री बिठाते हुए देखी जा सकती हैं। स्लीपर और आरामदायक सफर का एहसास कराने वाली बसें डग्गामारी में जुटी हैं। डग्गेमारी का यह आलम तब है जब डग्गामार वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने विशेष अभियान चला रखा है। रोजाना चालान और बंद की जाने वाली बसों की जानकारी देकर वह रोजाना अपनी पीठ थपथपाना नहीं भूल रहा है। डगगामारी सिर्फ इन्हीं दो जगहों से नहीं बल्कि चारबाग में रेलवे स्टेशन के पास, केकेसी तिराहा, अवध चौराहा, परिवर्तन चौक, लाल पुल और सिटी स्टेशन के पास से डग्गेमारी की जा रही है।
आरटीओ ऑफिस और पुलिस की सांठ-गांठ से यह संचालन किया जा रहा है। यहां से चलने वाली कई बसों में बीमा नहीं है तो कई में परमिट भी खत्म हो चुका है। इसके बाद भी इन पर एक्शन नहीं लिया जा रहा है। आरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज के अभियान के अनुसार अधिकारियों की ड्यूटी लग रही है। जल्द ही यहां पर भी अभियान चलाया जाएगा।
