अयोध्या: बाजारों में लौटी रौनक, करवा चौथ पर चल रहे लुभावने ऑफर
अयोध्या। पति की दीर्घायु और सफलता के लिए रखा जाने वाला करवा चौथ का व्रत 24 अक्टूबर को है। ज्योतिषाचार्य पंडित रामानंद पांडेय ने बताया कि अयोध्या में करक चतुर्थी व्रत (करवा चौथ) पर चंद्र उदय रात आठ बजकर 15 मिनट पर होगा। करवा चौथ को लेकर बाजारों में रौनक अभी से दिखाई पड़ने लगी …
अयोध्या। पति की दीर्घायु और सफलता के लिए रखा जाने वाला करवा चौथ का व्रत 24 अक्टूबर को है। ज्योतिषाचार्य पंडित रामानंद पांडेय ने बताया कि अयोध्या में करक चतुर्थी व्रत (करवा चौथ) पर चंद्र उदय रात आठ बजकर 15 मिनट पर होगा।
करवा चौथ को लेकर बाजारों में रौनक अभी से दिखाई पड़ने लगी है। शहर में रंग बिरंगे मिट्टी के कलशों की दुकानें भी सज गई हैं। वस्त्र व आभूषण की दुकानें भी गुलजार हो गई हैं। कोरोना काल के कारण काफी समय से सूने पड़े बाजार में अब खरीदारी व चहल-पहल से रौनके आ गई हैं।
रविवार को करवा चौथ और फिर 4 नवंबर को दीवाली से पहले ही रामनगरी के बाजार गुलशन की तरह दमक रहे हैं। महानगर के मुख्य बाजारों में रौनकें दिखने लगी हैं। रिकाबगंज, चौक, नाका, देवकाली, नियावां चौराहा और सहादतगंज में खरीदारी करने को लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है। खरीदारों में सबसे ज्यादा महिलाएं आगे आई हैं।
त्योहारी सीजन आने से आभूषण वालों की भी चांदी हो गई है। बाजारों में तरह-तरह के मिट्टी के कलश भी आये हैं, जो आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। गौरतलब है कि कोरोना के कारण दो साल से बाजारों की रौनक खत्म हो गई थी। इस बार बाजार के व्यापारियों को राहत की उम्मीद है। नाका के वस्त्र व्यापारी दिनेश ने बताया कि इस समय बिक्री अच्छी चल रही है। दीवाली के बाद भी कारोबार अच्छा होने के संकेत मिल रहे हैं। खरीदारी करने निकली मंजरी द्विवेदी ने बताया कोरोना संकट से काफी राहत मिल चुकी है। इसलिए खरीदारी करने में भी अब अच्छा लगने लगा है।
बाजारों में चल रहे लुभावने ऑफर
त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजारों में तरह-तरह के ऑफर दिए जा रहे हैं। करवाचौथ के नजदीक आते ही साड़ियों की दुकानों पर साड़ी खरीदने पर दुकानदार फाल-पीको का काम फ्री में कर रहे हैं। साथ ही बड़े बड़े मॉल में “एक खरीदो तो एक मुफ्त पाओ” की स्कीम भी ग्राहकों को खूब भा रही है।
क्या है करवाचौथ व्रत
ज्योतिषाचार्य पंडित रामानंद पांडेय के अनुसार करवा चौथ पर महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं। भगवान शिव, माता पार्वती और कार्तिकेय के साथ गणेश जी की पूजा की जाती है। व्रत को चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ्य देने के बाद पूरा किया जाता है। इसके बाद महिलाएं अन्न-जल ग्रहण करती है। व्रत सूर्योदय से रात्रि को चंद्रमा के दर्शन तक किया जाता है। व्रत की मान्यता है कि पति दीर्घायु होता है और उसे उसके कार्यों में सफलता भी मिलती है।
