रामपुर: रिश्वत लेते लेखपाल और उसके गुर्गे को एंटी करप्शन टीम ने दबोचा
स्वार (रामपुर), अमृत विचार। किसान से वारिसान दर्ज कराने की एवज में सुविधा शुल्क मांगे जाने की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने खतौनी कंप्यूटर कार्यलय पर छापा मारकर एक लेखपाल और उसके गुर्गे को किसान से 3 हजार रुपए की नगदी रिश्वत के रूप में लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गुर्गा …
स्वार (रामपुर), अमृत विचार। किसान से वारिसान दर्ज कराने की एवज में सुविधा शुल्क मांगे जाने की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने खतौनी कंप्यूटर कार्यलय पर छापा मारकर एक लेखपाल और उसके गुर्गे को किसान से 3 हजार रुपए की नगदी रिश्वत के रूप में लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गुर्गा कंप्यूटर आपरेटर के तौर पर कार्य करने वाला बताया जा रहा है। इस दौरान लेखपाल ने एंटी करप्शन टीम के हाथ से छूटकर धक्का मुक्की करके भागने का भी प्रयास किया। एंटी करप्शन टीम से छीना झपटी भी की। सूचना पर तहसील में लोगों की भारी भीड़ लग गई। टीम लेखपाल और उसके गुर्गे को को कोतवाली ले आई।
तीन दिन पूर्व तहसील क्षेत्र के गांव लोहर्रा इनायत गंज निवासी किसान बलवंत सिंह ने मुरादाबाद एंटीकरप्शन टीम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि तहसील स्वार की ग्राम पंचायत लोहर्रा इनायत गंज में तैनात हलका लेखपाल दिवाकर राणा विरासत दर्ज करने के नाम पर पांच हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। नहीं देने पर टाल मटौल कर परेशान कर रहा है।
इसी मामले में एंटीकरप्शन टीम जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड से मिली और उन्हें मामले से अवगत कराया। जिसके बाद एंटी करप्शन टीम प्रभारी नवल मारवाह, इंस्पेक्टर इश्तयाक अहमद, इंस्पेक्टर राखी ने किसान बलवंत सिंह व उसके भतीजे गुरताज सिंह को बुला लिया। उनसे नोट लेकर उसके सीरियल नंबर अधिकारियों को भेज कर नोटों पर पाउडर लगा दिया। किसान को तहसील में खतौनी कक्ष में मौजूद लेखपाल के पास भेज दिया। टीम भी पीछे जाकर खड़ी हो गई।
किसान बलवंत सिंह खतौनी कक्ष में पहुंच गया। विरासत दर्ज करने की एवज में हल्का लेखपाल दिवाकर राणा को एंटी करप्शन टीम द्वारा दिए गए नोट सौंप दिए। जैसे ही लेखपाल लिए गए नोटों को अपनी जेब में रखने लगा, तभी एंटी करप्शन टीम खतौनी कक्ष में घुस गई। रंगे हाथों लेखपाल को रिश्वत लेते दबोच लिया। लेखपाल ने अपने को फंसता देख एंटी करप्शन टीम से धक्कामुक्की कर भागने का प्रयास किया तो एंटी करप्शन टीम ने सख्ती बरतते हुए लेखपाल को कब्जे में कर लिया।
उसकी जेब से रिश्वत की बरामद रकम को अपने कब्जे में कर लिया। टीम ने कंप्यूटर आपरेटर राजेश कुमार को भी अपने कब्जे में ले लिया। कोतवाली ले आई, जहां लेखपाल के हाथ धुलवाए गए तो नोटों पर लगे पाउडर से लाल रंग निकल आया। जिसे टीम ने शीशियों में भर लिया। जिससे साफ जाहिर हो गया कि लेखपाल द्वारा तीन हजार की रिश्वत ली गई। पकड़ा गया लेखपाल टीम से छोड़ने की लगातार गुहार लगता रहा। लेकिन एंटी करप्शन टीम ने उसकी एक नहीं सुनी। साथी लेखपाल के पकड़े जाने की सूचना पर अन्य लेखपाल सहित सीनियर बार अधिवक्ता कोतवाली पहुंच गए।
एंटी करप्शन टीम से जानकारी हासिल की। निर्दोष होने पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की बात कही। लेकिन एंटी करप्शन टीम ने स्पष्ट रूप से लेखपाल द्वारा रिश्वत लिए जाने की बात कहते हुए कार्रवाई किये जाने की जानकारी दी। तब अधिवक्ताओं सहित लेखपाल कोतवाली से बैरंग वापस लौट गए। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी नवल मारवाह ने बताया कि किसान से विरासत दर्ज करने के नाम पर तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते लेखपाल दिवाकर राणा ओर उसका सहयोगी प्राइवेट कर्मचारी राजेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। भृष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
यह मामला है
लोहर्रा इनायत गंज निवासी सरदार बलवंत सिंह के भाई जसवीर सिंह की मौत एम मार्च 2021 को हुई थी। कई महीनों से मृतक किसान का भी बलवंत सिंह अपने भतीजे गुरताज सिंह के नाम वारिसान खतौनी पर चढ़ाने के लिए हल्का लेखपाल दिवाकर राणा के पास आ रहा था। आरोप है कि हल्का लेखपाल उसे बार बार टरका रहा था। कुछ दिन पूर्व हलका लेखपाल ने बिना सुविधा शुल्क लिए वारिसान चढ़ाने से इनकार कर दिया। तब किसान ने उससे उसकी सहमति मांगी तो तीन हजार में मामला तय हो गया। इसी बात को लेकर परेशान किसान मुरादाबाद एंटी करप्शन कार्यालय में संपर्क कर मामले से अवगत करा दिया और गुरुवार को एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल को धर दबोचा।
साथी को निर्दोष बताते हुए लेखपाल संघ ने की नारेबाजी
लेखपाल संघ ने एंटी करप्शन की टीम पर लेखपाल को फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में हंगामा किया और एंटीकरप्शन टीम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लेखपाल संघ का कहना था कि एंटीकरप्शन टीम द्वारा प्राइवेट कर्मचारी से किसान द्वारा दी गई तीन हजार रुपए की रकम बरामद की गई है। जबकि लेखपाल से कुछ भी बरामद नहीं किया गया। साथी लेखपाल को फर्जी तरीके से फंसाया गया है। लेखपाल संघ जिला मंत्री अनुज राणा ने बताया शीघ्र उच्चाधिकारियों से मिलकर मामले से अवगत करायेगा।
किसान से लेखपाल की पांच हजार में हुई थी डील
एंटी करप्शन टीम प्रभारी नवल मारवाह के अनुसार हलका लेखपाल की वारिसान दर्ज कराने के लिए किसान से पांच हजार रुपए की डील हुई थी। लेकिन बाद में मामला तीन हजार पर ही सहमति बन गया। हल्का लेखपाल को यह मालूम नहीं था कि किसान से जो रकम वह ले रहा है।वह षड्यंत्र के तहत दी जा रही है। तीन हजार रुपये की रकम लेते ही लेखपाल सहित उसका प्राइवेट काम कर रहा उसका गुर्गा बुरी तरह एंटी करप्शन टीम के मकड़ जाल में फंस गया।
एबीएसए, लेखपाल और बीआरसी पहले भी पकड़े जा चुके
एंटी करप्शन टीम पूर्व में भी स्वार क्षेत्र में दो लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ कर कार्रवाई कर चुकी है। ज्ञात हो कि कई वर्ष पूर्व नगर के एक प्राइवेट विद्यालय में खंड शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार को विद्यालय प्रबंधक से रिश्वत लेते एंटीकरप्शन टीम ने पकड़ा था। जिसमें उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। जिसके बाद तहसील में तैनात एक लेखपाल नीरज कुमार सुमन को एक किसान की विरासत दर्ज करने के नाम लर रिश्वत लेते गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं दढ़ियाल में बीआरसी कार्यालय पर शिक्षकों से स्थानान्तरण कराने के नाम पर बीआरसी गोविंद सिंह को भी एंटी करप्शन टीम ने पकड़ कर जेल भेजा था।
जिले भर के दफ्तरों में तैनात प्राइवेट कर्मचारी
जिले भर के सभी कार्यालयों में प्राइवेट तरीके से युवक काम कर रहे हैं। यह सभी प्राइवेट युवक हाथ बटाने का काम कर रहे हैं। यह प्राइवेट कर्मचारी लेखपालों का काम देख रहे हैं। और लोगों से पूरी डीलिंग कर सुविधा शुल्क वसूल करते हैं। फिर चाहे रजिस्टरी कार्यालय,पूर्ति कार्यालय,आर के कार्यालय, तहसील, एसडीएम कार्यालय, बेसिक शिक्षा अधिकारी का आफिस, एआरटीओ आफिस हो सब जगह प्राइवेट कर्मचारी तैनात हैं। इन्हें वेतन कहां से दिया जाता है यह एक प्रश्न चिन्ह है। तहसील में आई शिकायतों को मिलकर उन शिकायतों को गायब करना भी इन प्राइवेट कर्मियों के हाथों में रहता है।
