साथ चलो तो बात बने…

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

क्या होगा कहने भर से मात्र दिखावा ऊपर से। मन से साथ निभाओ तो साथ हमारे आओ तो। सुख-दुख मिलकर सह लेंगे काँटों में भी रह लेंगे। मेरे गीत तुम्हारा स्वर गूँजेगा धरती-अम्बर। मागूँ साथ मुझे वह दो कुछ मत सोचो हाँ कह दो। मन में मत दुविधा पालो और न कुछ देखो-भालो। इस मन …

क्या होगा कहने भर से
मात्र दिखावा ऊपर से।
मन से साथ निभाओ तो
साथ हमारे आओ तो।

सुख-दुख मिलकर सह लेंगे
काँटों में भी रह लेंगे।
मेरे गीत तुम्हारा स्वर
गूँजेगा धरती-अम्बर।

मागूँ साथ मुझे वह दो
कुछ मत सोचो हाँ कह दो।
मन में मत दुविधा पालो
और न कुछ देखो-भालो।

इस मन को समझा लेंगे
दो रोटी कम खा लेंगे।
हर्षोत्सव दिन-रात मने
साथ चलो तो बात बने।

  • राजेंद्र श्रीवास्तव, विदिशा म.प्र.

यह भी पढ़े-

सूरदास की सुध लेने गोवर्धन आए मुंबई से शेखर सेन…