रायबरेली: सड़क निर्माण को लेकर चल रही भूख हड़ताल खत्म कराने में नाकाम रहा प्रशासन
रायबरेली। सड़क निर्माण की लगातार मांग करते हुए धरना प्रदर्शन के बाद भूख हड़ताल पर बैठे अनशनकारी बाबा को मनाने शुक्रवार को प्रशासनिक अमला पूरे लाव लश्कर के साथ पहुंचा, लेकिन सड़क निर्माण की मांग पर संतोषजनक आश्वासन ना मिलने पर वार्ता विफल रही। बताते चलें कि महराजगंज सेमरौता और सिकंदरपुर से मऊ मार्ग निर्माण …
रायबरेली। सड़क निर्माण की लगातार मांग करते हुए धरना प्रदर्शन के बाद भूख हड़ताल पर बैठे अनशनकारी बाबा को मनाने शुक्रवार को प्रशासनिक अमला पूरे लाव लश्कर के साथ पहुंचा, लेकिन सड़क निर्माण की मांग पर संतोषजनक आश्वासन ना मिलने पर वार्ता विफल रही।
बताते चलें कि महराजगंज सेमरौता और सिकंदरपुर से मऊ मार्ग निर्माण को लेकर 20 अक्टूबर से अनशनकारी बाबा के नेतृत्व में दिन रात धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। मांगो को पूर्ण होता ना देख आठ दिन से जारी धरना प्रदर्शन भूख हड़ताल में तब्दील हो गया। भूख हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को अनशनकारी बाबा से वार्ता करने को एडीएम प्रशासन अमित कुमार, नवागंतुक उपजिलाधिकारी सुभाषचन्द्र यादव, एक्सईएन डीके कुरील, कोतवाल एन के कुशवाहा मय दल-बल पूरे सुखई तिराहा स्थित धरना स्थल पर वार्ता क़ो पहुंचे।
इस दौरान एक्सईएन पीडब्लूडी के धरना स्थल पर पहुंचने की सूचना पर साथी अधिवक्ता से अभद्र भाषा में बात किए जाने से आक्रोशित अधिवक्तागण भी मौके पर पहुंच मुर्दाबाद की नारेबाजी करने लगे। जिस पर प्रशासन को काफी मशक्कत व विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान एक्सईएन ने हाथ जोड़ कर गलती पर माफी मांगी।
एडीएम की वार्ता के दौरान अनशनकारी बाबा ने किसी उच्चाधिकारी से सड़क निर्माण की तारीख का लिखित दस्तावेज देने पर ही अनशन खत्म करने की बात कही। जिस पर अपनी बात बनवाने एवं अनशन को खत्म कराने का दबाव बना रहा प्रशासन निरुत्तर दिखाई पड़ा जिससें वार्ता विफल रही। अनशनकारी बाबा ने कहा कि पैचिंग समस्या का हल नही, प्रशासन ठोस कदम उठाने के बजाए अपनी बात मनवाने का दबाव बना रहा।
