श्रद्धा सुसाइड केस: 68 पेज का नोटबुक व मोबाइल फोन खोलेगा आत्महत्या का राज!
अयोध्या। पंजाब नेशनल बैंक की महिला अधिकारी श्रद्धा गुप्ता का शनिवार देर रात पोस्टमार्टम हो गया। उसके बाद रातों-रात परिवार के लोग श्रद्धा के शव को लेकर चला गए। सुसाइड नोट और पिता की तहरीर पर अयोध्या के पूर्व एसपी, मंगेतर व एक अन्य पुलिसकर्मी कर्मी पर केस दर्ज हो चुका है। पुलिस ने श्रद्धा …
अयोध्या। पंजाब नेशनल बैंक की महिला अधिकारी श्रद्धा गुप्ता का शनिवार देर रात पोस्टमार्टम हो गया। उसके बाद रातों-रात परिवार के लोग श्रद्धा के शव को लेकर चला गए। सुसाइड नोट और पिता की तहरीर पर अयोध्या के पूर्व एसपी, मंगेतर व एक अन्य पुलिसकर्मी कर्मी पर केस दर्ज हो चुका है। पुलिस ने श्रद्धा के कमरे से एक 68 पेज की एक नोटबुक और उसका मोबाइल कब्जे में लिया है। अब नोटबुक में लिखी बातें और मोबाइल फोन श्रद्धा की मौत के कारणों से पर्दा उठा पाने कितनी कामयाब होगी ये तो आने वाला वक्त ही बता पाएगा।
श्रद्धा की आत्महत्या के बाद दिन भर पुलिस डिपार्टमेंट में खलबली मची रही। कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं था। हालांकि शाम होते ही एसएसपी शैलेश पांडेय आगे आए। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट व उसमें लिखे नामों की जांच की जा रही है। इसके बाद श्रद्धा के पिता ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर सुसाइड नोट में लिखे तीनों लोगों विवेक गुप्ता निवासी उतरौला बलरामपुर, अयोध्या के पूर्व एसपी आशीष तिवारी, एसएसएफ हेड लखनऊ निवासी कमिश्नरेट लखनऊ व अयोधया का पुलिसकर्मी अनिल रावत पर मामला दर्ज करा दिया।
पुलिस को कमरे से श्रद्धा की एक नोटबुक मिली है, जिसमें श्रद्धा ने अपने और विवेक के बीच की बातचीत लिखी है। विवेक की श्रद्धा से शादी तय हुई थी, लेकिन बाद में टूट जाने के कारण वह अवसाद में रहती थी। श्रद्धा के मोबाइल का लॉक खोलने के लिए विशेषज्ञों को दिया गया। उसकी काल डिटेल, व्हाट्सएप चैटिंग व मैसेज भी पुलिस को श्रद्धा के मौत के कारणों का पता लगाने में मदद करेगी।
कोरोना के कारण शादी नहीं हुई तो पता चल गई विवेक की आदतें
बकौल पिता राजकुमार, पीएनबी के सर्किल आफिस में स्केल-1 के पद पर तैनात श्रद्धा ख़्वासपुरा मोहल्ले में विष्णु अग्रवाल के घर में किराए पर रहती थी। 2020 में विवेक से श्रद्धा की शादी तय हो गई। इस दौरान दोनों में फ़ोन पर बातें शुरू हो गईं। कोरोना महामारी के कारण विवाह नहीं हुआ। कुछ दिन बाद श्रद्धा ने घरवालों को बताया कि विवेक की आदतें ठीक नहीं है। मैं ये शादी हरगिज नहीं करूंगी। इसके बाद शादी टूट गई, लेकिन विवेक श्रद्धा को तंग करता रहता था।
बताया था कि विवेक की आदते ठीक नहीं है में शादी नहीं करूंगी। पिता राजकुमार ने कई बार विवेक को समझाया, लेकिन विवेक धमकी देने लगा कि मेरी पहुंच बड़े-बड़े अधिकारियों से है। आप लोग मेरा बाल भी बांका नहीं कर सकते। अब मुझे परेशान मत करना, नहीं तो आपकी बेटी का हश्र ठीक नहीं होगा।
इसके बाद श्रद्धा हर हफ्ते अपने सेक्टर 13 राजाजीपुरम लखनऊ जाती रहती थी। इसी वजह से वह अवसाद में भी आ गई थी। कुछ दिन पहले घर पहुंची श्रद्धा ने अपनी मां को बताया था कि पिछले 15 दिनों से विवेक मुझे फिर से परेशान कर रहा है और बड़े-बड़े पुलिस अधिकारियों से फोन करा कर प्रताड़ित करवा रहा है। घरवालों ने श्रद्धा को समझाकर अयोध्या भेज दिया था। फ़ोन पर घरवालों से अक्सर बातें होती रहती थी, लेकिन शुक्रवार शाम और शनिवार सुबह बात नहीं हुई तो यहां आकर देखा तो वह फंदे से लटकी हुई थी।
गुरुवार को आफिस के कार्यक्रम में हुई थी खुशी-खुशी शामिल
घर वालो के अनुसार श्रद्धा जिंदादिल इंसान थी। विभागीय सहकर्मियों की मानें तो श्रद्धा वर्ष 2015 से बैंक में कार्यरत थी। हेड क्लर्क पद से उसने अपनी नौकरी की शुरुआत की थी और विभागीय परीक्षाओं को उत्तीर्ण कर वह अधिकारी के पद तक पहुंची थीं। गुरुवार को क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में भी वह पूरे हर्षोउल्लास के साथ शामिल हुई थी। शुक्रवार को वह ड्यूटी पर भी नहीं आई थी। स्वजन एवं विभागीय लोगों का कहना है कि श्रद्धा के आत्महत्या प्रकरण पर गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
