बरेली: पांच साल से फाइल में दबा बहेड़ी व नवाबगंज के साम्प्रदायिक उपद्रव का सच
बरेली, अमृत विचार। अधिकारियों की अनदेखी की वजह से नवाबगंज और बहेड़ी में हुए साम्प्रदायिक उपद्रव के पीड़ितों को पांच साल के बाद भी इंसाफ नहीं मिला है। दोनों तहसीलों के कई गांवों में मुहर्रम पर ताजिये का जुलूस निकालने को लेकर फायरिंग, आगजनी व उपद्रव हुआ था। तब से फाइल कलेक्ट्रेट में धूल फांक …
बरेली, अमृत विचार। अधिकारियों की अनदेखी की वजह से नवाबगंज और बहेड़ी में हुए साम्प्रदायिक उपद्रव के पीड़ितों को पांच साल के बाद भी इंसाफ नहीं मिला है। दोनों तहसीलों के कई गांवों में मुहर्रम पर ताजिये का जुलूस निकालने को लेकर फायरिंग, आगजनी व उपद्रव हुआ था। तब से फाइल कलेक्ट्रेट में धूल फांक रही है। उपद्रव के पीछे किस स्तर पर साजिश हुई? इसकी सत्यता जानने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी पंकज यादव ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन को जांच सौंपी गई। तब से इस सीट पर कई अधिकारी बदल गए लेकिन किसी ने प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच को गंभीरता से नहीं लिया। इस वजह से जांच फाइलों में दबी रही। लंबित जांचों के संबंध में शासन स्तर पर मॉनिटरिंग चल रही है। बरेली में 20 से अधिक मामलों की मजिस्ट्रेटी जांचें लंबित बताई गई। इधर, जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह भी लंबित जांचों में जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दे चुके हैं। वह आईजीआरएस में बरेली को राज्य में प्रथम स्थान पर लाने के लिए शिकायतों के निस्तारण पर ज्यादा जोर दे रहे हैं।
जुलूस निकालने के दौरान यहां-यहां हुआ था उपद्रव
12 अक्टूबर 2016 को मुहर्रम पर तहसील नवाबगंज के ग्राम रसूला तालिब हुसैन एवं तहसील बहेड़ी के ग्राम बिहारीपुर, सीकरी, तुलसापुर व बहेड़ी कस्बे में ताजिये का जलूस निकाला जा रहा था। इसी दौरान नवाबगंज के ग्राम रसूला तालिब हुसैन में कुछ अराजक तत्वों ने उपद्रव करते हुए आगजनी व फायरिंग की। बहेड़ी क्षेत्र के बिहारीपुर, सीकरी, तुलसापुर व बहेड़ी कस्बे में भी कुछ अराजक तत्वों ने उपद्रव व आगजनी की। इससे कई दिनों तक दोनों तहसीलों का माहौल खराब रहा। पुलिस बल तैनात रहा। कई मुकदमे दर्ज हुए। कई लोग चोटिल भी हुए थे।
एडीएम प्रशासन बोले-22 नवंबर तक दे सकते हैं मौखिक/लिखित साक्ष्य
दोनों तहसीलों में हुए उपद्रव की घटना की मजिस्ट्रियल जांच अब अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीके सिंह कर रहे हैं। शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को उपद्रव के संबंध में कोई जानकारी हो तो वह अपना लिखित या मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है। घटना के संबंध में बयान अंकित कराने के लिए 22 नवंबर (दिन सोमवार) को पूर्वाह्न 11 बजे उनके कार्यालय कक्ष संख्या-5 कलेक्ट्रेट में आ सकता है।
पटाखा विस्फोट में मरे लोगों को नहीं मिला आज तक इंसाफ
दिवाली त्योहार के मद्देनजर 24 अक्टूबर 2016 की शाम 5:30 बजे तहसील बहेड़ी क्षेत्र के मोहल्ला टांडा में होली चौराहे के पास अवैध रूप से पटाखा बनाने के दौरान विस्फोट हो गया था। शाहिद पुत्र अफजाल अहमद के मकान के परिसर में छोटे खां पुपन, नरवाब खां अवैध रूप से पटाखे बना रहे थे। इसी दौरान अचानक विस्फोट होने के कारण स्वयं उसकी और एक अन्य की घायल होने पर मौत हो गयी थी। दो अन्य व्यक्ति गम्भीर रूप से घायल हुए थे।
घटना में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश हुए थे लेकिन आज तक जांच पूरी नहीं हुई। जांच अधिकारी/अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीके सिंह ने बताया कि इस घटना के संबंध में यदि किसी व्यक्ति को कोई जानकारी हो तो वह अपना लिखित या मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है। 22 नवंबर दिन सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे उनके कार्यालय कक्ष संख्या-5 कलेक्ट्रेट में साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।
