बरेली: सपा नेता प्रमोद विष्ट समेत दस पर बलवे की रिपोर्ट
बरेली, अमृत विचार। गैंगस्टर को पकड़ने गई पुलिस की जीप को सपा नेता ने महिलाओं व अपने साथियों के साथ घेर लिया। पुलिस के साथ गाली-गलौज कर धक्कामुक्की की। इससे वहां पर बवाल मच गया। जोगी नवादा चौकी इंचार्ज की तरफ से बारादरी पुलिस ने सपा नेता समेत 10 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के …
बरेली, अमृत विचार। गैंगस्टर को पकड़ने गई पुलिस की जीप को सपा नेता ने महिलाओं व अपने साथियों के साथ घेर लिया। पुलिस के साथ गाली-गलौज कर धक्कामुक्की की। इससे वहां पर बवाल मच गया। जोगी नवादा चौकी इंचार्ज की तरफ से बारादरी पुलिस ने सपा नेता समेत 10 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवे और सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
दुर्गानगर में प्रॉपर्टी डीलर तरुन ने गैगस्टर आकाश पर गोली चलाने का आरोप लगाया था। इसके बाद वहां तमाम लोगों की भीड़ जुट गई। इंस्पेक्टर नीरज मलिक समेत कई पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए और आकाश के घर की तरफ जाने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी बीच सपा नेता प्रमोद बिष्ट ने संजीत, दीपक, तरुण, श्वेता पत्नी संजीत, आशिमा पत्नी दीपक, प्रमोद का भाई विनोद, सुषमा पत्नी प्रमोद, किरण पत्नी विनोद और काके समेत 20 महिला व पुरुषों को उकसाकर पुलिस का रास्ता रोककर उन्हें घेर लिया।
पुलिस के समझाने के बाद भी वह लोग नहीं माने। उल्टे पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और गाली गलौज की। फिर हमलावर हो गए। हंगामा होता देख मौके पर मौजूद पुलिस ने कंट्रोल रूम से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया। जिसके बाद भीड़ पीछे हटी। चौकी इंचार्ज जोगी नवादा सुनील राठी की तरफ से आरोपियों के खिलाफ बलवा, गाली-गलौज, सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
रात में पुलिस ने हिरासत में लिया
रात में सपा नेता प्रमोद बिष्ट को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद थाने में तमाम लोग पहुंच गए। वह सपा नेता को छोड़ने की बात कहने लगे। बाद में सपा नेता ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी। जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
सपा नेता की पैरवी को भाजपाइयों ने किए फोन
सरकार चाहे किसी की भी हो लेकिन नेता आपस में एक हैं। इसका उदाहरण रविवार को देखने को मिला। प्रमोद बिष्ट को हिरासत में लेने की बात जब भाजपा नेताओं को पता लगी तो उन्होंने रात में ही सपा नेता को छोड़ने के लिए फोन करने शुरू कर दिए। रात में भाजपा नेताओं ने कई पुलिस अफसरों समेत इंस्पेक्टर को फोन करके प्रमोद बिष्ट की पैरवी की।
किसी ने हमला जैसा कुछ नहीं किया। न ही किसी ने गाली गलौज की थी। लोगों को जब यह पता चला कि पुलिस आरोपी को बिना गिरफ्तार किए जा रही है। इस बात पर लोगों में गुस्सा था। लोगों की मांग थी कि वह आरोपी की गिरफ्तारी करें। मौके पर लगे सीसीटीवी की जांच करा ली जाए जिन लोगों पर भी रिपोर्ट दर्ज की गई है वह पूरी तरह से गलत है।
–प्रमोद बिष्ट, सपा नेता
पुलिस गैंगस्टर के घर जा रही थी। इसी बीच वहां मौजूद प्रमोद बिष्ट ने लोगों को भड़काकर पुलिस की कार को घेर लिया। पुलिस से धक्का मुक्की कर हमला किया। दस नामजद समेत 20 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
–सुनील राठी, चौकी इंचार्ज जोगी नवादा
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