बरेली: 11 हजार दीपों की रोशनी से जगमगा उठी रामगंगा
बरेली, अमृत विचार। 11 हजार दीपों की रोशनी से रविवार की शाम ‘रामगंगा’ जगमगा उठी। चौबारी स्थित रामगंगा घाट पर एकसाथ इतनी बड़ी संख्या में दिये जले तो लोगों की खुशियां दोगुनी हो गई। दीपोत्सव के इस दृश्य के हजारों लोग गवाह बने। ठंड का अहसास कराती शाम में हुए दीपोत्सव कार्यक्रम में बड़ी संख्या …
बरेली, अमृत विचार। 11 हजार दीपों की रोशनी से रविवार की शाम ‘रामगंगा’ जगमगा उठी। चौबारी स्थित रामगंगा घाट पर एकसाथ इतनी बड़ी संख्या में दिये जले तो लोगों की खुशियां दोगुनी हो गई। दीपोत्सव के इस दृश्य के हजारों लोग गवाह बने। ठंड का अहसास कराती शाम में हुए दीपोत्सव कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मेला में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी शिरकत की। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भव्य आरती भी हुई।
चौबारी मेला के समापन के मौके पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह की ओर से कराए गए दीपोत्सव कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं ने रामगंगा किनारे रेत पर मतदान करने समेत कई बिंदुओं पर रंगोली बनाकर लोगों को प्रेरित किया। मिशन शक्ति के जरिए जीजीआईसी की छात्राओं ने बालिकाओं को शिक्षित करने पर जोर दिया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीके सिंह ने वहां मौजूद अधिकारियों और श्रद्धालुओं को रामगंगा को स्वच्छ बनाने की शपथ दिलाई।
अधिकारियों ने लोगों को वोटर बनने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी नगर डा. राम दुलारे पांडेय, नगर मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय, एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि 15 नवंबर को चौबारी मेला शुरू हुआ था। सात दिवसीय मेले में खूब रौनक रही। प्रशासन ने रविवार की शाम मेले के समापन के मौके पर दीपोत्सव और आरती का कार्यक्रम किया।
उखड़ने लगा चौबारी मेला, नौकायान का आनंद लेने पहुंचे श्रद्धालु
चौबारी मेला अब उखड़ने लगा है। मुख्य स्नान के बाद श्रद्धालुओं के साथ दूरदराज के दुकानदारों ने भी तंबू समेटने शुरू कर दिए हैं। सुबह से लेकर दिनभर श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंच रहे हैं। दिन में खिलखिलाती धूप देखकर श्रद्धालु नौकायान का आनंद भी ले रहे हैं। रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु नौकायान से रामगंगा घूमने पहुंचे। इस बार मेले में सिल-बट्टा और बेंत के उत्पादों की ज्यादा मांग रही। पुलिस सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद है। डांस पार्टियां, झूले समेत अन्य मनोरंजन के साधन अभी मेले में जमे हुए हैं।
