रामपुर: दहेज के लिए विवाहिता को जलाने में पति समेत छह दोषी साबित, कोर्ट ने सुनाई सजा
रामपुर, अमृत विचार। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को जिंदा जलाकर मारने का प्रयास करने पर कोर्ट ने पति समेत छह ससुरालियों को दोषी माना है। कोर्ट ने पति समेत पांच को 10-10 साल की सजा सुनाई है। जबकि दोषी नंद को दो साल की सजा सुनाई है। हालांकि बाद में कोर्ट …
रामपुर, अमृत विचार। दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को जिंदा जलाकर मारने का प्रयास करने पर कोर्ट ने पति समेत छह ससुरालियों को दोषी माना है। कोर्ट ने पति समेत पांच को 10-10 साल की सजा सुनाई है। जबकि दोषी नंद को दो साल की सजा सुनाई है। हालांकि बाद में कोर्ट ने नंद को जमानत दे दी।
मामला स्वार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मौलागढ़ का है। मुरादाबाद जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के ताड़ी खाना निवासी कमलेश स्वार कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कमलेश का कहना था कि वर्ष 2005 में उसने अपनी बेटी ममता का विवाह मौलागढ़ निवासी बंटी के साथ किया था। विवाह के वक्त क्षमता के अनुसार दहेज भी दिया था।
आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराली बाइक व नकदी की मांग करने लगे। इंकार करने पर उन्होंने ममता का शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करना शुरू कर दिया। कमलेश का कहना है कि विवाह के एक साल बाद ही ससुरालियों ने ममता को जिंदा जलाने का प्रयास किया। बाद में उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। कमलेश के अनुसार जब वह अस्पताल में अपनी बेटी से मिलने गई तो ससुरालियों ने अभद्रता की।
इस मामले में उन्होंने स्वार कोतवाली में पति बंटी, ससुर गिरधारी, सास सुनीता, देवर गुड्डू , नंद रीना और ममिया ससुर शंभू दयाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। वाद-विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय रश्मि रानी की कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। मंगलवार को इस मामले में फिर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने सभी को झूठा फंसाने की दलील दी। जबकि अभियोजन की ओर से इसे गंभीर अपराध बताते हुए सजा देने की मांग की।
एडीजीसी प्रमोद सागर ने बताया कि इस मामले में कोर्ट ने पति बंटी, सास सुनीता, ससुर गिरधारी, देवर गुड्डू और ममिया ससुर शंभू दयाल को 10-10 साल की सजा सुनाई है। जबकि नंद रीना को दो साल की सजा सुनाई है। हालांकि बाद में कोर्ट ने रीना को जमानत दे दी है।
