अमेठी: दलालों का बोलबाला, इंसाफ के लिए भटक रहे फरियादी

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अमेठी। सरकार द्वारा जहा गरीबों को इंसाफ देने के लिए आए दिन कड़े  दिशा निर्देश जारी होते रहते है तो वहीं खाकी वर्दीधारी पुलिस मनमानी पूर्वक नियम कानून ताक पर रख कर दलालों के माध्यम से समस्त मामलों का समाधान करने में अपनी अहम भूमिका निभाने में मस्त है कमाऊ मामले में मुद्दतों से मशहूर …

अमेठी। सरकार द्वारा जहा गरीबों को इंसाफ देने के लिए आए दिन कड़े  दिशा निर्देश जारी होते रहते है तो वहीं खाकी वर्दीधारी पुलिस मनमानी पूर्वक नियम कानून ताक पर रख कर दलालों के माध्यम से समस्त मामलों का समाधान करने में अपनी अहम भूमिका निभाने में मस्त है कमाऊ मामले में मुद्दतों से मशहूर कोतवाली दलालों का अड्डा बन चुका है। इंसाफ के लिए फरियादी जिले से लेकर राजधानी तक दौड लगाते रहते हैं पुलिस की शर्मनाक कार्यशैली से सरकार की छवि धूमिल होती जा रही है ।

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जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र में जहां अपनी तैनाती के लिए खाकी वर्दीधारी लम्बा जुगाड़ लगाने के बाद जम जाते हैं तो कोई लाख कोशिश करें लेकिन हटने का नाम नहीं लेते यदि तबादला भी हुआ तो ऐडी चोटी का जोर लगा कर रोकवाने में पीछे भी नहीं रहते कारण कि कमाऊ क्षेत्र होने के कारण यहां दिन रात नोटों की बरसात होती रहती है चोरी छिनैती राहजनी लूट छेड़छाड दुराचार मारपीट आदि मामलों में पुलिस के पक्के दलाल मामले को अपने स्तर से तालमेल बनाकर निपटाने में माहिर माने जाते हैं भुक्तभोगियों ने बताया कि अपनी छवि खराब होने के कारण कुछ मामलों में पुलिस रिपोर्ट नहीं दर्ज करती जब जिले से लेकर राजधानी तक मामला गूंजता है तो कार्यवाही करने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

जमीनी मामले व अन्य विवादों को लेकर मारपीट होने के बाद रसूखदारों व दलालों की मेहरबानी से पुलिस फरियाद लेकर आने वाले को भी 151 का मुकदमा बना कर चालान भेजती रहती है जिससे फरियादी फरियाद लेकर आने से भी कतराने लगे हैं क्षेत्र में कहीं मारपीट तो कहीं जमीन पर कब्जा कराने की नीयत से दीवाल गिराना कहीं पूर्व प्रधानो की पिटाई तो कहीं किसी के घर में दीवाल फांद कर गरीबों की इज्जत पर हमला करना महिलाओ से राह चलते छेड़छाड़ आदि ताबड़तोड़ घट रही घटनाओ से जनता भयभीत है तो निरंतर अखबार की सुर्खियों में छाई रहने वाले घटनाओ का खुलासा न होना पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान बना हुआ है।

गौरतलब हो कि अब देखना यह है कि कोतवाली की बिगडी कानून वयवस्था को पटरी पर लाने के लिए कप्तान साहब क्या कदम उठाते हैं यह तो आने वाला समय ही बताएगा ।फिलहाल जनता की निगाहें अब उच्च स्तर के आला अफसरों पर टिकी हुई हैं। इस मामले मे सीओ मुसाफिर खाना  ने कहा उन्हे इस मामले मे कोई जानकारी नहीं है।

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