अयोध्या की तरह मथुरा और काशी का भी होगा निर्णय : महामंडलेश्वर

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कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर डॉ उमाकांतानंद ने गुरुवार को कहा कि जिस तरह अयोध्या जमीन के विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय राम मंदिर के पक्ष में आया। उसी तरह समय आने पर मथुरा व काशी का भी निर्णय पक्ष में आएगा। विश्व हिंदू परिषद (आरएसएस) की तरफ से …

कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर डॉ उमाकांतानंद ने गुरुवार को कहा कि जिस तरह अयोध्या जमीन के विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय राम मंदिर के पक्ष में आया। उसी तरह समय आने पर मथुरा व काशी का भी निर्णय पक्ष में आएगा।

विश्व हिंदू परिषद (आरएसएस) की तरफ से बिहार के सोनपुर में आयोजित धर्म रक्षा मंच के कार्यक्रम से लौटते समय विश्राम के लिए यहां रुके महामंडलेश्वर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मथुरा और काशी का विवाद धार्मिक नहीं बल्कि जमीन संबंधी विवाद है। साक्ष्य और दस्तावेज के मुताबिक निर्णय होगा। इस संबंध में उतावला होने की जरूरत नहीं है। साथ ही कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की सैकड़ों वर्षों से चली आ रही बाधाएं दूर हो गईं और वहां भव्य मंदिर का निर्माण चल रहा है जो समय से पूरा भी हो जाएगा।

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देश लंबे समय तक मुगलों व अंग्रेजों का गुलाम रहा। आजादी के बाद अपरिपक्व राजनेताओं के अधीन रहा। वर्तमान में देश में द्रुत गति से विकास कार्य हो रहे हैं। देश को समर्थ व सशक्त राष्ट्र बनने में वक्त लगेगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि साधु व संत समाज सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पक्ष में हैं। उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि यहां का नेतृत्व योगी जैसा व्यक्त्वि कर रहे हैं। योगी विकास कर रहे हैं, इसलिए उनके पक्ष में संत समाज अपील कर रहा है।

संत किसी राजनीतिक पार्टी का प्रचार नहीं करता, सरकार और मुख्यमंत्री को लेकर जनता को खुद निर्णय लेना होगा। धार्मिक स्थलों का अधिकार सरकार के हाथ में होना उचित नहीं है। इसका प्रबंध संत समाज व ट्रस्ट की नीतियों से ही होना चाहिए। इस मौके पर क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पीएन पाठक, सुमित त्रिपाठी, ध्रुव मद्धेशिया समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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