Omicron Variant: अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच संबंधी नियम कड़े करने पर विचार कर रहा अमेरिका

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वाशिंगटन। कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन ने देश में आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच संबंधी नियम कड़ा करने का फैसला किया है। नए नियम टीकाकरण करा चुके लोगों पर भी लागू होंगे। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्र (सीडीसी) ने …

वाशिंगटन। कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन ने देश में आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच संबंधी नियम कड़ा करने का फैसला किया है। नए नियम टीकाकरण करा चुके लोगों पर भी लागू होंगे।

रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्र (सीडीसी) ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि वह एक नए नियम पर विचार कर रहा है, जिसके तहत अमेरिका आने वाले सभी हवाई यात्रियों को विमान में सवार होने से एक दिन पहले कोविड-19 संबंधी जांच करानी होगी। टीकाकरण करा चुके लोग उड़ान से अधिकतम तीन दिन पहले की गई जांच की रिपोर्ट दिखा सकते हैं।

एजेंसी ने कहा, ‘‘ ओमीक्रोन के बारे में अधिक जानकारी हासिल होने के कारण सीडीसी यात्रा के लिए वर्तमान वैश्विक परीक्षण आदेश को संशोधित करने के लिए काम कर रहा है। नए आदेशानुसार अमेरिका आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को उड़ान भरने से एक दिन पहले जांच करानी होगी।’’

प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सर्दियों के मौसम में कोविड-19 वैश्विक महामारी को नियंत्रित करने की राष्ट्र की योजनाओं के संबंध में गुरुवार को राष्ट्रपति जो बाइडन के भाषण से पहले, सटीक परीक्षण नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें कुछ बदलाव भी किए जा सकते हैं।

सीडीसी के निदेशक डॉक्टर रोचेल वालेंस्की ने मंगलवार को कहा, ‘‘ सीडीसी मूल्यांकन कर रहा है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा को यथासंभव सुरक्षित कैसे बनाया जाए, जिसमें उड़ान भरने से पहले परीक्षण, आगमन के बाद परीक्षण और पृथक-वास व्यवस्था पर गौर किया जा रहा है।’’

नाम उजागर नही करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि आगमन के बाद जांच और स्वयं पृथक-वास में रहने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

सीडीसी ने अभी विदेश से अमेरिका आने वाले यात्रियों को तीन से पांच दिन बाद जांच कराने और जिन लोगों ने टीके नहीं लगवाए हैं, उन्हें पृथक-वास में रहने का सुझाव दिया है। हालांकि, ये वैकल्पिक है और ऐसा करने वालों की दर काफी कम है।

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